अगर आपके पास उत्तर प्रदेश में जमीन है और आपको उसका गाटा संख्या (Gata Number) नहीं पता — तो खतौनी निकालना, जमीन का वेरिफिकेशन करना या कोई भी सरकारी काम अटक जाता है। पहले इसके लिए तहसील और पटवारी के दफ्तर के कई चक्कर लगाने पड़ते थे।
अब ऐसा नहीं है। UP Bhulekh पोर्टल और UP भू-नक्शा पोर्टल की मदद से आप घर बैठे, सिर्फ मोबाइल या लैपटॉप से, अपनी जमीन का गाटा संख्या कुछ ही मिनटों में निकाल सकते हैं।
इस आर्टिकल में जानेंगे — गाटा संख्या क्या होती है, इसे निकालने के 2 आसान तरीके, गाटा संख्या से खतौनी कैसे डाउनलोड करें, और इससे जुड़े सभी जरूरी सवालों के जवाब।

🧐 गाटा संख्या क्या होती है?
उत्तर प्रदेश में हर खेत, प्लॉट या जमीन के टुकड़े को पहचानने के लिए राजस्व विभाग एक यूनिक नंबर देता है। इसी नंबर को गाटा संख्या कहा जाता है।
सीधी भाषा में समझें — जैसे हर इंसान का एक आधार नंबर होता है, वैसे ही हर जमीन के टुकड़े का एक गाटा नंबर होता है। इसी नंबर के जरिए जमीन की पूरी पहचान और रिकॉर्ड मिलता है।
गाटा संख्या और खसरा संख्या में अंतर
ज्यादातर लोग पूछते हैं कि गाटा संख्या और खसरा संख्या अलग-अलग चीज़ है क्या?
जवाब — नहीं। उत्तर प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड में गाटा संख्या और खसरा संख्या एक ही चीज़ है, दोनों शब्द एक ही नंबर के लिए इस्तेमाल होते हैं।
गाटा संख्या क्यों जरूरी है
| काम | गाटा संख्या क्यों चाहिए |
|---|---|
| खतौनी/जमाबंदी निकालना | बिना गाटा नंबर के रिकॉर्ड खोजना मुश्किल |
| जमीन खरीदना-बेचना | मालिकाना हक वेरिफाई करने के लिए |
| बैंक लोन लेना | जमीन गिरवी/लोन की स्थिति चेक करने के लिए |
| सरकारी योजना/मुआवजा | सही प्लॉट की पहचान के लिए |
| कोर्ट-कचहरी का मामला | विवाद की स्थिति जानने के लिए |
🛠️ शुरू करने से पहले ये तैयार रखें
- अपने जिला (जनपद), तहसील और गांव का नाम
- अगर गाटा नंबर पहले से पता नहीं है, तो खातेदार (जमीन मालिक) का नाम
- इंटरनेट वाला मोबाइल या लैपटॉप
- थोड़ा समय (पूरी प्रक्रिया 5-10 मिनट में पूरी हो जाती है)
💻 तरीका 1 — खातेदार के नाम से गाटा संख्या कैसे निकालें
अगर आपको गाटा नंबर पहले से पता नहीं है, तो यह सबसे आसान तरीका है। यहां आप सिर्फ जमीन मालिक का नाम डालकर अपनी जमीन का गाटा संख्या निकाल सकते हैं।
Step 1 — आधिकारिक पोर्टल खोलें अपने ब्राउज़र में upbhulekh.gov.in (UP राजस्व परिषद की आधिकारिक वेबसाइट) खोलें।
Step 2 — सही विकल्प चुनें होमपेज पर आपको दो विकल्प दिखेंगे — “रियल टाइम खतौनी की नकल देखें” और “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें”। सबसे ताज़ा रिकॉर्ड के लिए “रियल टाइम खतौनी की नकल देखें” पर क्लिक करें।
Step 3 — कैप्चा भरें स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड ध्यान से भरें और Submit/Continue पर क्लिक करें।
Step 4 — जनपद, तहसील और गांव चुनें ड्रॉपडाउन मेन्यू से अपना जिला, तहसील और गांव सिलेक्ट करें।
Step 5 — “खातेदार के नाम द्वारा खोजें” चुनें यहां आपको 4-5 खोज विकल्प मिलेंगे — खसरा/गाटा संख्या से, खाता संख्या से, खातेदार के नाम से, नामांतरण तिथि से। चूंकि गाटा नंबर पता नहीं है, इसलिए “खातेदार के नाम द्वारा खोजें” चुनें और नाम का पहला अक्षर टाइप करें।
Step 6 — सही नाम चुनकर खोजें पर क्लिक करें लिस्ट में दिख रहे नामों में से सही खातेदार का नाम चुनें और “खोजें” बटन दबाएं।
Step 7 — गाटा संख्या नोट करें सर्च करते ही उस खातेदार के नाम से जुड़े सभी गाटा/खसरा नंबर की लिस्ट सामने आ जाएगी। पूरी जानकारी देखने के लिए “उद्धरण देखें” पर क्लिक करें।
🗺️ तरीका 2 — भू-नक्शा (मैप) से गाटा संख्या कैसे पता करें
अगर आपको अपने खेत या प्लॉट की लोकेशन याद है, तो मैप के जरिए भी गाटा नंबर पता किया जा सकता है। यह तरीका तब काम आता है जब खातेदार का नाम बदल गया हो या नाम से सर्च करने में दिक्कत हो रही हो।
Step 1: ब्राउज़र में upbhunaksha.gov.in खोलें (यह अलग पोर्टल है, खासतौर पर जमीन के नक्शे के लिए)।
Step 2: अपना जिला > तहसील > गांव चुनें।
Step 3: चुनते ही उस गांव का पूरा डिजिटल नक्शा खुल जाएगा, जिसमें हर प्लॉट पर उसका गाटा नंबर लिखा होगा।
Step 4: नक्शे में अपनी जमीन के आकार और स्थिति को पहचानकर उस प्लॉट पर क्लिक करें।
Step 5: क्लिक करते ही साइड में गाटा नंबर, खातेदार का नाम और क्षेत्रफल जैसी जानकारी दिख जाएगी।
📄 गाटा संख्या मिलने के बाद खतौनी कैसे निकालें
गाटा संख्या मिल जाने के बाद, अब उसी से पूरी खतौनी (जमीन का रिकॉर्ड) निकालना बहुत आसान है।
- upbhulekh.gov.in पर जाएं और “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें” या “रियल टाइम खतौनी की नकल देखें” चुनें।
- कैप्चा भरकर Submit करें।
- जिला, तहसील और गांव चुनें।
- खोज विकल्पों में “खसरा/गाटा संख्या द्वारा खोजें” चुनें।
- अपना गाटा नंबर दर्ज करें और “खोजें” पर क्लिक करें।
- लिस्ट में सही रिकॉर्ड चुनकर “उद्धरण देखें” पर क्लिक करें।
- स्क्रीन पर पूरी खतौनी — मालिक का नाम, रकबा (क्षेत्रफल), जमीन की किस्म — दिख जाएगी। इसे डाउनलोड या प्रिंट भी कर सकते हैं।
रियल टाइम खतौनी vs खतौनी (अधिकार अभिलेख) — फर्क समझें
| बिंदु | रियल टाइम खतौनी | खतौनी (अधिकार अभिलेख) |
|---|---|---|
| डेटा | सबसे लेटेस्ट और अपडेटेड | थोड़ा पुराना डेटा हो सकता है |
| उपयोग | जानकारी के लिए सबसे सही | कुछ पुराने रिकॉर्ड्स के लिए |
| कानूनी मान्यता | अप्रमाणित प्रति (Unauthenticated) | प्रमाणित कॉपी के लिए तहसील जाना जरूरी |
🔑 भूखण्ड/गाटा का 16 अंकों का यूनिक कोड कैसे जानें
गाटा संख्या के अलावा हर प्लॉट को एक 16 अंकों का यूनिक कोड भी दिया जाता है, जो उस जमीन की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान करता है।
इसे जानने के लिए: पोर्टल पर “भूखण्ड/गाटा का यूनिक कोड” विकल्प चुनें, जिला-तहसील-गांव सिलेक्ट करें, अपना खसरा/गाटा नंबर डालें और खोजें पर क्लिक करें। आपके सामने मालिक के नाम के साथ यूनिक कोड दिख जाएगा।
⚖️ गाटा संख्या से जुड़ी अन्य उपयोगी सेवाएं
🔸 वाद-ग्रस्त (विवाद) की स्थिति जानें पोर्टल पर “भूखण्ड/गाटे के वाद-ग्रस्त होने की स्थिति जानें” चुनें, जिला-तहसील-गांव और गाटा नंबर डालकर पता करें कि आपकी जमीन पर कोई कानूनी विवाद तो नहीं चल रहा।
🔸 विक्रय की स्थिति जानें इसी तरह “भूखण्ड/गाटे के विक्रय की स्थिति जानें” विकल्प से पता चलता है कि वह जमीन पहले बिक चुकी है या नहीं — जमीन खरीदने से पहले यह चेक जरूर करें।
❗ आम समस्याएं और समाधान
| समस्या | समाधान |
|---|---|
| गांव का नाम लिस्ट में नहीं मिल रहा | “रियल टाइम खतौनी” विकल्प आज़माएं या गांव कोड से खोजें |
| एक ही नाम से कई एंट्री दिख रही हैं | पिता/पति के नाम से मिलान करके सही एंट्री चुनें |
| पोर्टल धीमा चल रहा है | ब्राउज़र कैश क्लियर करें, सुबह या रात में दोबारा कोशिश करें |
| गाटा नंबर मिला पर जानकारी गलत लग रही है | अपने तहसील के लेखपाल/राजस्व निरीक्षक से संपर्क करें |
✅ ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें
- पोर्टल पर मिलने वाली कॉपी अप्रमाणित (Unauthenticated) होती है — बैंक, कोर्ट या किसी कानूनी काम के लिए तहसील से प्रमाणित कॉपी ही मान्य होगी।
- यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है, गाटा संख्या निकालने के लिए किसी एजेंट या दलाल को पैसे न दें।
- रिकॉर्ड समय-समय पर अपडेट होता है, इसलिए हमेशा पोर्टल से ताज़ा जानकारी ही लें, पुराने प्रिंटआउट पर भरोसा न करें।
- रिकॉर्ड में कोई गलती दिखे तो उसे सुधारने के लिए संबंधित तहसील में लिखित आवेदन देना होगा।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। पोर्टल का इंटरफेस और प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकती है, इसलिए हमेशा upbhulekh.gov.in पर मौजूद नवीनतम जानकारी को ही अंतिम मानें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
गाटा संख्या और खसरा संख्या में क्या फर्क है? कोई फर्क नहीं। उत्तर प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड में दोनों एक ही नंबर के लिए इस्तेमाल होने वाले शब्द हैं।
अगर गाटा संख्या पता न हो तो क्या करें? खातेदार के नाम से UP Bhulekh पोर्टल पर खोजें, या UP भू-नक्शा पोर्टल पर मैप के जरिए अपना प्लॉट ढूंढें।
क्या गाटा संख्या निकालने का कोई चार्ज लगता है? नहीं, यह पूरी तरह मुफ्त सरकारी सेवा है।
रियल टाइम खतौनी और अधिकार अभिलेख खतौनी में कौन सी इस्तेमाल करें? सामान्य जानकारी के लिए रियल टाइम खतौनी सबसे अपडेटेड होती है, लेकिन कानूनी उपयोग के लिए तहसील से प्रमाणित कॉपी ही लें।
क्या मोबाइल से भी गाटा संख्या निकाल सकते हैं? हां, UP Bhulekh और भू-नक्शा दोनों पोर्टल मोबाइल ब्राउज़र पर भी आसानी से चलते हैं।
गाटा कोड और गाटा संख्या एक ही चीज़ है? नहीं। गाटा संख्या प्लॉट की पहचान का सामान्य नंबर है, जबकि गाटा कोड एक 16 अंकों का अलग यूनिक आइडेंटिफिकेशन कोड है।
📝 निष्कर्ष
अब आप जान गए हैं कि UP Bhulekh पोर्टल और भू-नक्शा की मदद से घर बैठे अपनी जमीन का गाटा संख्या कैसे निकाला जाता है — चाहे आपको गाटा नंबर पहले से पता हो या न हो।
अगली बार जब भी खतौनी निकालनी हो या जमीन की जानकारी चेक करनी हो, सबसे पहले गाटा संख्या नोट कर लें — इससे बाकी सारा काम कुछ ही मिनटों में हो जाएगा।
अगर इस प्रक्रिया में कहीं कोई दिक्कत आए, तो नीचे कमेंट में अपना सवाल पूछ सकते हैं।