अगर आप राजस्थान में जमीन के मालिक हैं और आपको अपना पट्टा नंबर (खाता/खसरा नंबर) नहीं पता — तो परेशान मत होइए।
पहले इसके लिए पटवारी के पास जाना पड़ता था, तहसील कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन अब राजस्थान सरकार ने अपना खाता पोर्टल (apnakhata.rajasthan.gov.in) के ज़रिए यह पूरा काम ऑनलाइन कर दिया है।
इस आर्टिकल में आप जानेंगे — पट्टा नंबर क्या होता है, इसे ऑनलाइन कैसे निकालें, नाम से कैसे खोजें, और अगर नहीं मिले तो क्या करें।

पट्टा नंबर क्या होता है?
राजस्थान में पट्टा नंबर को आम भाषा में खाता नंबर या खसरा नंबर भी कहते हैं। यह एक यूनीक नंबर होता है जो आपकी ज़मीन को पहचानने के लिए सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होता है।
तीनों नंबरों में फर्क समझिए:
| नाम | मतलब | उदाहरण |
| खाता नंबर | ज़मीन मालिक का खाता (एक मालिक की सभी जमीनें) | खाता संख्या 25 |
| खसरा नंबर | एक खेत या प्लॉट का अलग नंबर | 142/1, 143/2 |
| पट्टा नंबर | सरकार द्वारा आवंटित ज़मीन का दस्तावेज़ नंबर | — |
आसान भाषा में: खाता नंबर मालिक से जुड़ा है, खसरा नंबर उस मालिक की एक खास ज़मीन से जुड़ा है।
पट्टा नंबर की ज़रूरत कब पड़ती है?
पट्टा/खाता/खसरा नंबर इन सभी कामों में लगता है:
- बैंक लोन — किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, KCC लोन
- ज़मीन की रजिस्ट्री — खरीद-फरोख्त के दौरान
- नामांतरण (Mutation) — विरासत में मिली ज़मीन पर नाम चढ़वाना
- सरकारी योजनाएं — PM Kisan, फसल बीमा आदि
- कोर्ट-कचहरी — ज़मीन विवाद में
अपना खाता पोर्टल क्या है?
अपना खाता राजस्थान सरकार के राजस्व विभाग का आधिकारिक पोर्टल है। इसे ई-धरती (e-Dharti) और भूलेख राजस्थान के नाम से भी जाना जाता है।
🔗 ऑफिशल वेबसाइट: apnakhata.rajasthan.gov.in
इस पोर्टल पर आप ये सब देख सकते हैं:
- जमाबंदी नकल (खाता-खसरा की जानकारी)
- भू-नक्शा (ज़मीन का नक्शा)
- नामांतरण की स्थिति
- खसरा नंबर और खाता संख्या
ऑनलाइन पट्टा नंबर कैसे पता करें – Step-by-Step
Step 1 — अपना खाता पोर्टल खोलें
अपने मोबाइल या कंप्यूटर में ब्राउज़र खोलें और टाइप करें: apnakhata.rajasthan.gov.in
Step 2 — जिला चुनें
होमपेज पर राजस्थान का नक्शा दिखेगा। उस पर अपने जिले पर क्लिक करें। या नीचे दी गई सूची में से भी जिला चुन सकते हैं।
Step 3 — तहसील चुनें
जिला चुनने के बाद अपनी तहसील चुनें। यहाँ नक्शे पर रंग दिखते हैं — इनसे पता चलता है कि किस क्षेत्र का डेटा उपलब्ध है।
Step 4 — गाँव और जमाबंदी वर्ष चुनें
अपना गाँव चुनें और जमाबंदी वर्ष सेलेक्ट करें। आमतौर पर सबसे नया वर्ष ही चुनें।
Step 5 — खोज का तरीका चुनें
यहाँ 4 तरीके मिलते हैं:
| विकल्प | कब चुनें |
| खाता से | अगर खाता नंबर पता है |
| खसरा से | अगर खसरा नंबर पता है |
| नाम से | अगर सिर्फ ज़मीन मालिक का नाम पता है |
| USN/GRN से | अगर पुरानी रसीद है |
Step 6 — जानकारी भरें और नकल देखें
“नाम से” विकल्प चुनें → जमीन मालिक का नाम टाइप करें → सर्च करें।
आपकी स्क्रीन पर जमाबंदी नकल खुल जाएगी। इसमें आपको दिखेगा:
- ✅ खाता संख्या (पट्टा नंबर)
- ✅ खसरा संख्या
- ✅ ज़मीन का क्षेत्रफल
- ✅ ज़मीन का प्रकार
- ✅ काश्तकार/मालिक का नाम
टिप: इस नकल का स्क्रीनशॉट ले लें या इसे डाउनलोड/प्रिंट करें। सूचनार्थ नकल सामान्य जानकारी के लिए है। कानूनी काम के लिए ई-हस्ताक्षरित नकल मान्य होती है।
नाम से पट्टा नंबर कैसे खोजें?
अगर आपके पास कोई पुराना नंबर नहीं है, तो नाम से भी खोज सकते हैं।
प्रक्रिया:
- apnakhata.rajasthan.gov.in खोलें
- जिला → तहसील → गाँव चुनें
- “नाम से” विकल्प चुनें
- ज़मीन मालिक का नाम हिंदी में लिखें
- “ढूंढें” पर क्लिक करें
मालिक के नाम से जुड़ी सभी ज़मीनों की जमाबंदी सामने आ जाएगी। वहाँ खाता और खसरा नंबर दोनों दिखेंगे।
⚠️ ध्यान दें: नाम की स्पेलिंग बिल्कुल वैसी ही डालें जैसी सरकारी रिकॉर्ड में है। अगर पूरा नाम काम न करे तो सिर्फ पहला नाम या पिता का नाम भी डालकर देखें।
भू-नक्शा से पट्टा नंबर कैसे देखें?
अगर आप नक्शे में अपनी ज़मीन देखकर उसका नंबर जानना चाहते हैं:
- जाएं: bhunaksha.rajasthan.gov.in
- जिला → तहसील → RI → हल्का → गाँव → Sheet Number चुनें
- नक्शे पर अपने प्लॉट/खेत पर क्लिक करें
- दाईं तरफ खसरा नंबर और मालिक का नाम दिखेगा
- “Show Report PDF” पर क्लिक करके पूरी रिपोर्ट डाउनलोड करें
ऑफलाइन तरीका – पटवारी से कैसे पता करें
अगर इंटरनेट की सुविधा नहीं है या पोर्टल पर जानकारी नहीं मिल रही, तो:
विकल्प 1 — पटवारी से मिलें: अपने गाँव के पटवारी से मिलें और अपनी ज़मीन का विवरण बताएं। वे जमाबंदी रजिस्टर से खाता/खसरा नंबर बता देंगे।
विकल्प 2 — तहसील कार्यालय जाएं: नज़दीकी तहसील कार्यालय में जाकर नकल (जमाबंदी की कॉपी) के लिए आवेदन करें। इसके लिए मामूली शुल्क देना पड़ सकता है।
साथ ले जाएं:
- आधार कार्ड / पहचान पत्र
- पुराने ज़मीन के दस्तावेज़ (रजिस्ट्री, इंतकाल आदि)
- ज़मीन का अनुमानित पता / सीमा का विवरण
पट्टा नंबर नहीं मिल रहा – क्या करें?
| समस्या | समाधान |
| पोर्टल स्लो है | थोड़ी देर बाद दोबारा कोशिश करें, सुबह जल्दी पोर्टल तेज़ चलता है |
| नाम से नहीं मिल रहा | हिंदी स्पेलिंग बदलकर कोशिश करें |
| गाँव की सूची में गाँव नहीं दिख रहा | तहसील बदलकर देखें, कभी-कभी गाँव दूसरी तहसील में होता है |
| डेटा उपलब्ध नहीं दिख रहा | उस क्षेत्र का डिजिटाइज़ेशन अभी पूरा नहीं हुआ — पटवारी से मिलें |
| खाता नंबर है पर खसरा नहीं | जमाबंदी नकल में खाते से जुड़े सभी खसरे दिखेंगे |
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
❓ क्या अपना खाता पोर्टल मोबाइल पर चलता है? ✅ हाँ, apnakhata.rajasthan.gov.in मोबाइल ब्राउज़र पर पूरी तरह काम करता है। कोई ऐप डाउनलोड करने की ज़रूरत नहीं।
❓ पट्टा नंबर और खसरा नंबर एक ही होते हैं क्या? ✅ नहीं। पट्टा नंबर सरकारी आवंटन का दस्तावेज़ है, जबकि खसरा नंबर भूमि की पहचान के लिए राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नंबर है। दोनों जमाबंदी नकल में मिलते हैं।
❓ क्या जमाबंदी नकल कोर्ट में मान्य है? ✅ सूचनार्थ नकल केवल जानकारी के लिए है। कानूनी प्रयोजनों के लिए ई-हस्ताक्षरित नकल ही मान्य होती है, जो उसी पोर्टल से मिलती है।
❓ क्या नाम से पट्टा नंबर पूरी तरह मुफ्त में निकल सकता है? ✅ हाँ, ऑनलाइन देखना और सूचनार्थ नकल बिल्कुल मुफ्त है। ई-हस्ताक्षरित नकल के लिए मामूली शुल्क लगता है।
❓ अगर ज़मीन अभी-अभी खरीदी है तो नाम पोर्टल पर कब दिखेगा? ✅ रजिस्ट्री के बाद नामांतरण (Mutation) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नया नाम पोर्टल पर अपडेट होता है। इसमें कुछ हफ्ते लग सकते हैं।
❓ क्या एक ही मालिक के कई खसरे हो सकते हैं? ✅ हाँ। एक मालिक का एक खाता नंबर होता है लेकिन उसके नाम पर कई अलग-अलग खसरे (खेत/प्लॉट) हो सकते हैं।
निष्कर्ष
राजस्थान में पट्टा नंबर (खाता/खसरा नंबर) पता करना अब पहले जैसा मुश्किल नहीं रहा। बस apnakhata.rajasthan.gov.in खोलें, अपना जिला-तहसील-गाँव चुनें और नाम से सर्च करें — मिनटों में जमाबंदी नकल सामने होगी जिसमें आपका पूरा विवरण होगा।
अगर ऑनलाइन नहीं मिल रहा, तो अपने गाँव के पटवारी से मिलें — वे हमेशा मदद करने के लिए मौजूद हैं।
👉 अभी करें: apnakhata.rajasthan.gov.in पर जाएं और अपनी जमाबंदी नकल निकालें।
अगर इस प्रक्रिया में कोई परेशानी आ रही है, तो नीचे कमेंट में पूछें — हम ज़रूर मदद करेंगे!
⚠️ Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी राजस्थान सरकार के आधिकारिक पोर्टल apnakhata.rajasthan.gov.in और bhunaksha.rajasthan.gov.in के आधार पर है। किसी भी कानूनी काम के लिए संबंधित सरकारी कार्यालय से सत्यापन अवश्य करें।