क्या आपको ज़मीन खरीदने, बेचने, बैंक लोन लेने या किसी सरकारी काम के लिए खतौनी की नकल चाहिए?
पहले इसके लिए तहसील या लेखपाल के चक्कर काटने पड़ते थे — दिनभर लाइन में खड़े रहो, फिर भी काम न हो।
लेकिन अब उत्तर प्रदेश सरकार ने यह काम बेहद आसान कर दिया है। UP Bhulekh पोर्टल (upbhulekh.gov.in) के ज़रिए आप घर बैठे सिर्फ 2-3 मिनट में अपनी खतौनी की नकल ऑनलाइन देख सकते हैं और डाउनलोड भी कर सकते हैं।

📖 खतौनी क्या होती है?
खतौनी एक सरकारी भू-अभिलेख (Land Record) दस्तावेज़ है जिसे “खतौनी अंश निर्णय” भी कहते हैं।
सरल भाषा में कहें तो —
खतौनी वह कागज़ है जो बताता है कि कोई ज़मीन किसके नाम पर दर्ज है, कितनी है और उसका खसरा/गाटा नंबर क्या है।
इसे रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (Record of Rights) भी कहा जाता है। यह राजस्व विभाग (Revenue Department), उत्तर प्रदेश द्वारा maintained की जाती है।
📌 खतौनी के मुख्य उद्देश्य:
| उद्देश्य | विवरण |
|---|---|
| 🏠 स्वामित्व प्रमाण | ज़मीन किसके नाम है — इसका आधिकारिक रिकॉर्ड |
| 📊 भूमि विवरण | रकबा (क्षेत्रफल), भूमि का प्रकार, फ़सल आदि |
| ⚖️ कानूनी दस्तावेज़ | ज़मीन विवाद में कोर्ट में मान्य |
| 🏦 बैंक कार्य | लोन, KCC आदि के लिए आवश्यक |
🤔 खतौनी की नकल क्यों ज़रूरी है?
खतौनी की नकल कई महत्वपूर्ण कामों में लगती है। आइए जानते हैं:
- 🏗️ ज़मीन खरीदना-बेचना — Registry से पहले खतौनी ज़रूर देखें ताकि असली मालिक का पता चले
- 🏦 बैंक लोन / KCC — किसान क्रेडिट कार्ड या ज़मीन पर लोन लेने के लिए
- 📋 सरकारी योजनाओं का लाभ — PM किसान, फ़सल बीमा जैसी योजनाओं में
- ⚖️ कोर्ट केस / विवाद — ज़मीन विवाद में सबूत के तौर पर
- 🔄 नामांतरण (Mutation) — ज़मीन का नाम बदलवाने के लिए
- 📄 आय प्रमाण पत्र / जाति प्रमाण पत्र — कई बार इन दस्तावेज़ों में भी खतौनी माँगी जाती है
⚠️ ध्यान दें: ज़मीन खरीदने से पहले खतौनी ज़रूर चेक करें। इससे पता चलेगा कि ज़मीन किसके नाम है, कोई विवाद तो नहीं है, और ज़मीन पर कोई बकाया (Dues) तो नहीं है।
📋 खतौनी निकालने के लिए क्या चाहिए?
ऑनलाइन खतौनी निकालने के लिए आपको किसी दस्तावेज़ की ज़रूरत नहीं है। बस नीचे दी गई जानकारी होनी चाहिए:
| क्रम | ज़रूरी जानकारी | विवरण |
|---|---|---|
| 1️⃣ | जनपद (District) | ज़मीन किस ज़िले में है |
| 2️⃣ | तहसील (Tehsil) | किस तहसील के अंतर्गत आती है |
| 3️⃣ | गाँव (Village) | गाँव का नाम |
| 4️⃣ | खसरा/गाटा संख्या | ज़मीन का प्लॉट नंबर |
💡 टिप: अगर आपको गाटा/खसरा नंबर नहीं पता, तो आप खातेदार के नाम या खाता संख्या से भी खतौनी खोज सकते हैं।
🖥️ UP Bhulekh पोर्टल से ऑनलाइन खतौनी कैसे निकालें – Step-by-Step
यह सबसे आसान और तेज़ तरीका है। नीचे दी गई प्रक्रिया को फॉलो करें:
📌 Step 1: UP Bhulekh की वेबसाइट खोलें
- अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में जाएं
- टाइप करें: upbhulekh.gov.in
- वेबसाइट का होम पेज खुलेगा
🔗 Official Website: https://upbhulekh.gov.in
📌 Step 2: “रियल-टाइम खतौनी की नकल देखें” पर क्लिक करें
होम पेज पर आपको कई विकल्प दिखेंगे:
- राजस्व ग्राम खतौनी का कोड जानें
- भूखंड/गाटे का यूनीक कोड जानें
- खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें ✅ ← इस पर क्लिक करें
- खतौनी अंश-निर्धारण की नकल देखें
📌 Step 3: Captcha कोड दर्ज करें
- एक नया पेज खुलेगा जिसमें Captcha Code दिखेगा
- स्क्रीन पर दिख रहे अक्षर/अंक को बॉक्स में सही-सही टाइप करें
- “Submit” बटन पर क्लिक करें
⚠️ ध्यान दें: Captcha केस-सेंसिटिव हो सकता है। अगर गलत हो जाए तो Refresh करके दोबारा कोशिश करें।
📌 Step 4: जनपद (District) चुनें
- UP के सभी जनपदों की सूची दिखेगी
- अपना जनपद (ज़िला) चुनें
- उदाहरण: लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर आदि
📌 Step 5: तहसील (Tehsil) चुनें
- जनपद चुनने के बाद उस ज़िले की सभी तहसीलों की सूची आएगी
- अपनी सही तहसील चुनें
📌 Step 6: ग्राम (Village) चुनें
- तहसील चुनने के बाद गाँवों की सूची आएगी
- आप गाँव को तीन तरीकों से खोज सकते हैं:
| तरीका | कैसे |
|---|---|
| 🔤 अक्षर से | गाँव के नाम का पहला अक्षर चुनें, फिर सूची में से गाँव चुनें |
| 🔢 ग्राम कोड से | अगर ग्राम का खतौनी कोड पता है तो सीधे दर्ज करें |
| 🔍 नाम से सर्च | गाँव का नाम टाइप करके खोजें |
📌 Step 7: खतौनी खोजने का तरीका चुनें
गाँव चुनने के बाद आपको खतौनी खोजने के लिए विकल्प मिलेंगे:
| विकल्प | कब उपयोग करें |
|---|---|
| 📝 खसरा/गाटा संख्या द्वारा | अगर आपको ज़मीन का खसरा या गाटा नंबर पता है |
| 👤 खातेदार के नाम द्वारा | अगर आपको ज़मीन मालिक का नाम पता है |
| 🔢 खाता संख्या द्वारा | अगर खाता नंबर पता है |
| 📄 नामांतरण दिनांक द्वारा | किसी विशेष तिथि के अनुसार रिकॉर्ड देखना हो |
💡 सबसे आसान तरीका: अगर गाटा/खसरा नंबर पता है तो वही डालें — सीधे रिकॉर्ड मिल जाएगा।
📌 Step 8: विवरण दर्ज करें
अगर खसरा/गाटा संख्या चुना है:
- बॉक्स में अपना गाटा/खसरा नंबर टाइप करें
- “खोजें” बटन पर क्लिक करें
- नीचे गाटा संख्या दिखेगी — उसे सेलेक्ट करें
अगर खातेदार के नाम से खोज रहे हैं:
- खातेदार का नाम हिंदी में टाइप करें
- “खोजें” पर क्लिक करें
- सूची में से सही नाम चुनें
📌 Step 9: “उद्धरण देखें (View Summary)” पर क्लिक करें
- सभी जानकारी भरने के बाद “उद्धरण देखें (View Summary)” बटन पर क्लिक करें
- आपकी खतौनी की नकल स्क्रीन पर खुल जाएगी 🎉
📌 Step 10: खतौनी देखें और डाउनलोड/प्रिंट करें
- स्क्रीन पर पूरी खतौनी अधिकार अभिलेख की नकल दिखेगी
- इसमें खातेदार का नाम, पिता का नाम, गाटा संख्या, रकबा, भूमि का प्रकार आदि सब कुछ होगा
- इसे प्रिंट (Ctrl+P) या Screenshot लेकर सेव कर सकते हैं
⚠️ महत्वपूर्ण: UP Bhulekh से निकाली गई यह नकल केवल सूचनार्थ (Informational Purpose) होती है। अगर आपको कानूनी रूप से मान्य (Certified) कॉपी चाहिए तो eखतौनी निकालें (नीचे बताया गया है)।
🔐 eखतौनी (Verified/Certified Copy) कैसे निकालें?
UP सरकार ने eखतौनी की सुविधा शुरू की है जो डिजिटली साइन्ड और कानूनी रूप से मान्य होती है।
eखतौनी निकालने की प्रक्रिया:
upbhulekh.gov.inपोर्टल के होम पेज पर जाएं।
- “डिजिटल हस्ताक्षरित खतौनी की नकल देखें” (Digitally Signed Khatauni) के विकल्प पर क्लिक करें।
- यहां आपको अपनी Login ID (या Citizen Login) बनानी होगी और मामूली सरकारी शुल्क (लगभग ₹15) का ऑनलाइन भुगतान करना होगा।
- भुगतान सफल होने के बाद आपको डिजिटल सिग्नेचर और QR Code वाली आधिकारिक खतौनी मिल जाएगी, जो कोर्ट और बैंक में पूरी तरह मान्य है।
- इसके अलावा आप अपने नजदीकी CSC (जनसेवा केंद्र) या e-District Portal (
edistrict.up.gov.in) के माध्यम से भी इसे प्राप्त कर सकते हैं।
📊 सामान्य खतौनी vs eखतौनी — अंतर:
| पैरामीटर | सामान्य खतौनी (Bhulekh) | eखतौनी (Certified) |
|---|---|---|
| 📋 उपयोग | केवल जानकारी के लिए | कानूनी रूप से मान्य |
| 🔏 डिजिटल साइन | नहीं | हाँ ✅ |
| 💰 शुल्क | मुफ्त | मामूली शुल्क (₹10-₹30) |
| 📍 कहाँ मान्य | सूचनार्थ | बैंक, कोर्ट, सरकारी कार्यालय |
| 🌐 वेबसाइट | upbhulekh.gov.in | edistrict.up.gov.in |
⚠️ महत्वपूर्ण सुधार:
ekhatauni.up.nic.inजैसी किसी पुरानी या अनधिकृत वेबसाइट का उपयोग न करें। सभी सेवाएं अब मुख्य भूलेख पोर्टल और ई-डिस्ट्रिक्ट पर ही मर्ज कर दी गई हैं।
💡 सलाह: अगर खतौनी बैंक लोन, कोर्ट या किसी सरकारी काम के लिए चाहिए तो eखतौनी ही निकालें।
📊 खतौनी में क्या-क्या जानकारी होती है?
जब आप खतौनी की नकल निकालते हैं, तो उसमें निम्नलिखित जानकारी दर्ज होती है:
| क्रम | जानकारी | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | 🏘️ ग्राम का नाम | ज़मीन किस गाँव में है |
| 2 | 📍 परगना/तहसील | प्रशासनिक क्षेत्र |
| 3 | 🔢 खाता संख्या | खातेदार का खाता नंबर |
| 4 | 👤 खातेदार का नाम | ज़मीन मालिक का नाम |
| 5 | 👨 पिता/पति का नाम | खातेदार के पिता या पति का नाम |
| 6 | 📐 गाटा/खसरा संख्या | ज़मीन के प्लॉट का नंबर |
| 7 | 📏 रकबा (क्षेत्रफल) | ज़मीन कितनी है (हेक्टेयर/बीघा में) |
| 8 | 🌾 भूमि का प्रकार | कृषि भूमि, बंजर, आबादी आदि |
| 9 | 💰 लगान/राजस्व | ज़मीन पर देय लगान |
| 10 | 📝 टिप्पणी/दाखिल खारिज | नामांतरण या अन्य बदलाव का विवरण |
| 11 | 📆 फ़सली वर्ष | किस फ़सली वर्ष का रिकॉर्ड है |
🔄 खतौनी और खसरा में क्या अंतर है?
बहुत से लोग खतौनी और खसरा को एक ही समझते हैं, लेकिन दोनों अलग-अलग दस्तावेज़ हैं:
| पैरामीटर | 📄 खतौनी | 📄 खसरा |
|---|---|---|
| क्या बताता है | ज़मीन का मालिक कौन है | ज़मीन की भौगोलिक स्थिति क्या है |
| मुख्य जानकारी | खातेदार का नाम, रकबा, खाता संख्या | खसरा नंबर, ज़मीन का नक्शा/प्रकार |
| किसे कहते हैं | अधिकार अभिलेख (Record of Rights) | भू-अभिलेख (Land Record Map) |
| उपयोग | स्वामित्व साबित करने में | ज़मीन की पहचान करने में |
| रजिस्टर | खतौनी रजिस्टर | खसरा रजिस्टर |
💡 आसान भाषा में: खसरा बताता है कि ज़मीन कहाँ है और कैसी है, खतौनी बताती है कि ज़मीन किसकी है।
🏢 ऑफलाइन खतौनी कैसे निकालें?
अगर आपको ऑनलाइन खतौनी निकालने में दिक्कत आ रही है या आपको प्रमाणित (Certified) हार्ड कॉपी चाहिए, तो ऑफलाइन तरीका अपनाएं:
📌 तरीका 1: तहसील कार्यालय से
| Step | क्या करें |
|---|---|
| 1️⃣ | अपनी तहसील जाएं |
| 2️⃣ | खतौनी नकल के लिए आवेदन फॉर्म भरें |
| 3️⃣ | ज़रूरी जानकारी दें — गाँव, खसरा/गाटा नंबर, खातेदार का नाम |
| 4️⃣ | निर्धारित शुल्क जमा करें |
| 5️⃣ | प्रमाणित खतौनी प्राप्त करें |
📌 तरीका 2: CSC (जनसेवा केंद्र) से
- अपने नज़दीकी Common Service Center (CSC) या जनसेवा केंद्र पर जाएं
- वहाँ के संचालक से eखतौनी निकलवाएं
- मामूली सर्विस चार्ज लगेगा (₹20-₹50)
📌 तरीका 3: लेखपाल/पटवारी से
- अपने क्षेत्र के लेखपाल से संपर्क करें
- वे आपको खतौनी की प्रमाणित नकल उपलब्ध करा सकते हैं
⚠️ आम समस्याएं और समाधान
ऑनलाइन खतौनी निकालते समय कई बार कुछ समस्याएं आ सकती हैं। नीचे उनके समाधान दिए गए हैं:
❌ समस्या 1: वेबसाइट नहीं खुल रही / Server Error आ रहा है
✅ समाधान:
- UP Bhulekh पोर्टल पर ट्रैफिक बहुत ज़्यादा होता है
- सुबह जल्दी (6-8 बजे) या रात को (9 बजे के बाद) try करें
- ब्राउज़र का Cache Clear करें
- Chrome या Firefox ब्राउज़र इस्तेमाल करें
- VPN बंद रखें
❌ समस्या 2: Captcha कोड गलत बता रहा है
✅ समाधान:
- Captcha को ध्यान से पढ़ें — बड़े और छोटे अक्षरों का अंतर देखें
- Refresh बटन दबाकर नया Captcha लें
- मोबाइल पर दिक्कत हो तो Desktop Mode में देखें
❌ समस्या 3: गाँव का नाम सूची में नहीं मिल रहा
✅ समाधान:
- गाँव का नाम हिंदी में सही स्पेलिंग के साथ खोजें
- कभी-कभी पुराने नाम से दर्ज होता है — लेखपाल से पुराना नाम पूछें
- गाँव की तहसील सही चुनी है या नहीं — दोबारा चेक करें
❌ समस्या 4: खसरा/गाटा संख्या नहीं पता
✅ समाधान:
- खातेदार के नाम से खोजें — यह विकल्प उपलब्ध है
- अपनी पुरानी रजिस्ट्री या किसी पुराने कागज़ में गाटा नंबर देखें
- अपने क्षेत्र के लेखपाल/पटवारी से गाटा संख्या पूछें
❌ समस्या 5: खतौनी में नाम गलत है या पुराने मालिक का नाम है
✅ समाधान:
- नामांतरण (Mutation) करवाना होगा
- तहसील में दाखिल-खारिज का आवेदन दें
- ज़रूरी दस्तावेज़: रजिस्ट्री, वसीयत, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (जो भी लागू हो)
❌ समस्या 6: मोबाइल पर खतौनी ठीक से नहीं दिख रही
✅ समाधान:
- ब्राउज़र में “Desktop Site” विकल्प ऑन करें
- स्क्रीन को Landscape Mode (आड़ा) करें
- बेहतर अनुभव के लिए लैपटॉप/कंप्यूटर इस्तेमाल करें
💡 ज़रूरी टिप्स
- ✅ बुकमार्क करें: upbhulekh.gov.in को अपने ब्राउज़र में बुकमार्क कर लें ताकि बार-बार URL न खोजना पड़े
- ✅ स्क्रीनशॉट लें: खतौनी खुलने के बाद तुरंत स्क्रीनशॉट या PDF सेव करें
- ✅ जानकारी वेरीफाई करें: खतौनी में अपना नाम, रकबा, गाटा नंबर ध्यान से चेक करें — कोई गलती हो तो तुरंत तहसील में शिकायत करें
- ✅ Duplicate वेबसाइट से बचें: कई फर्जी वेबसाइट UP Bhulekh की नकल करती हैं — हमेशा .gov.in या .nic.in डोमेन पर ही जाएं
- ✅ फ़सली वर्ष देखें: खतौनी में कौन से फ़सली वर्ष का रिकॉर्ड दिख रहा है — Latest रिकॉर्ड ही उपयोगी होता है
🛑 चेतावनी: किसी भी थर्ड-पार्टी ऐप या वेबसाइट पर अपनी ज़मीन की जानकारी डालने से बचें। हमेशा सरकारी पोर्टल ही इस्तेमाल करें।
❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
❓ Q1: क्या UP Bhulekh से रियल-टाइम खतौनी निकालना बिल्कुल फ्री है?
✅ हाँ, upbhulekh.gov.in से केवल रिकॉर्ड देखना, जांचना और सामान्य कॉपी (सूचनार्थ) प्रिंट करना पूरी तरह मुफ्त है। लेकिन अगर आप डिजिटल सिग्नेचर वाली प्रमाणित प्रति डाउनलोड करते हैं, तो सरकार द्वारा तय न्यूनतम शुल्क (₹15) देना होता है।
❓ Q2: क्या ऑनलाइन मिलने वाली नॉर्मल खतौनी हर जगह मान्य है?
✅ ऑनलाइन निकाली गई सामान्य खतौनी पर नीचे लिखा होता है कि “यह केवल देखने के लिए है”। कानूनी कामों, रजिस्ट्री या बैंक लोन के लिए आपको पोर्टल से ही डिजिटली हस्ताक्षरित (Digitally Signed) खतौनी निकालनी होगी या तहसील से प्रमाणित प्रति लेनी होगी।
❓ Q3: खतौनी में अपना नाम कैसे दर्ज करवाएं?
✅ इसके लिए नामांतरण (Mutation / दाखिल-खारिज) का आवेदन तहसील में देना होगा। ज़रूरी दस्तावेज़ जैसे रजिस्ट्री, वसीयत, या उत्तराधिकार प्रमाण पत्र साथ लगाने होंगे।
❓ Q4: क्या मैं किसी दूसरे व्यक्ति की खतौनी भी देख सकता हूँ?
✅ हाँ, UP Bhulekh पर कोई भी व्यक्ति किसी की भी ज़मीन की खतौनी देख सकता है। इसके लिए सिर्फ जनपद, तहसील, गाँव और गाटा/खसरा नंबर या खातेदार का नाम चाहिए। कोई Login या Registration ज़रूरी नहीं।
❓ Q5: मेरी ज़मीन पर कोई विवाद है — खतौनी में कैसे पता चलेगा?
✅ खतौनी में “टिप्पणी” या “विवाद” कॉलम होता है। अगर ज़मीन पर कोई कोर्ट केस, स्टे ऑर्डर या विवाद दर्ज है तो वहाँ उल्लेख मिलेगा। दाखिल-खारिज की स्थिति भी यहीं दिखती है।
❓ Q6: खतौनी में रकबा (क्षेत्रफल) किस इकाई में दर्ज होता है?
✅ UP की खतौनी में रकबा आमतौर पर हेक्टेयर में दर्ज होता है।
- 1 हेक्टेयर = 2.47 एकड़
- 1 हेक्टेयर = लगभग 5 बीघा (क्षेत्र के अनुसार भिन्न हो सकता है)
❓ Q7: UP Bhulekh पर कौन-कौन से ज़िलों की खतौनी उपलब्ध है?
✅ उत्तर प्रदेश के सभी 75 ज़िलों की खतौनी UP Bhulekh पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध है। चाहे आपकी ज़मीन लखनऊ में हो, गोरखपुर में हो, आगरा में हो या किसी भी ज़िले में — सबकी खतौनी निकाली जा सकती है।
❓ Q8: क्या खतौनी निकालने के लिए कोई ऐप है?
✅ UP सरकार ने कोई आधिकारिक ऐप नहीं बनाया है। Play Store पर जो ऐप्स मिलती हैं वे थर्ड-पार्टी हैं और उनकी विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। हमेशा upbhulekh.gov.in वेबसाइट ही इस्तेमाल करें।
📌 निष्कर्ष
यूपी खतौनी की नकल निकालना अब बेहद आसान हो गया है। UP Bhulekh पोर्टल (upbhulekh.gov.in) के ज़रिए आप:
- ✅ घर बैठे अपनी ज़मीन की खतौनी देख सकते हैं
- ✅ 2-3 मिनट में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं
- ✅ बिल्कुल मुफ्त में खतौनी निकाल सकते हैं
- ✅ eखतौनी से कानूनी रूप से मान्य कॉपी भी डाउनलोड कर सकते हैं
बस आपको अपना जनपद, तहसील, गाँव और गाटा/खसरा संख्या पता होना चाहिए।
👉 अभी करें:
- upbhulekh.gov.in पर जाएं
- अपनी ज़मीन की खतौनी निकालें
- जानकारी वेरीफाई करें
- ज़रूरत हो तो eखतौनी डाउनलोड करें
💬 क्या आपको खतौनी निकालने में कोई दिक्कत आ रही है? नीचे कमेंट में अपना सवाल पूछें — हम आपकी मदद करेंगे!
⚠️ Disclaimer: यह आर्टिकल केवल जानकारी (Informational) उद्देश्य से लिखा गया है। सभी जानकारी उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से ली गई है। किसी भी कानूनी कार्य के लिए तहसील कार्यालय या विधिक सलाहकार से संपर्क करें। सरकारी पोर्टल पर नियम और प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकती है।
📅 Last Updated: 2026
🔗 Official Sources:
- upbhulekh.gov.in — UP Bhulekh Portal
- revenue.up.gov.in — UP Revenue Department
- edistrict.up.gov.in — UP e-District Portal