अगर आप बिहार में जीविका योजना से जुड़ना चाहती हैं या जीविका में नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो सबसे पहला सवाल यही आता है — जीविका का वेतन कितना है? सच यह है कि “जीविका” में एक नहीं, बल्कि कई तरह के लोग जुड़े होते हैं — गांव की जीविका दीदी, सामुदायिक समन्वयक, ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर — और सबकी कमाई अलग-अलग है। इस आर्टिकल में हम हर पद का वेतन, 2026 की ताज़ा वेतन वृद्धि और मेडिक्लेम की सुविधा — सब कुछ आसान भाषा में बताएंगे।

📑 इस आर्टिकल में क्या है
- जीविका योजना क्या है?
- जीविका दीदी का वेतन कितना है?
- जीविका स्टाफ का पदवार वेतन
- 2026 की वेतन वृद्धि — किसको कितना फायदा
- CRP और बैंक सखी को कितना मानदेय मिलता है?
- जीविका में नौकरी कैसे पाएं?
- FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
🌾 जीविका योजना क्या है?
जीविका बिहार सरकार की एक पहल है, जिसे बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (BRLPS) चलाती है। यह योजना 2006 में विश्व बैंक के सहयोग से शुरू हुई थी। इसका मकसद गांव की महिलाओं को स्वयं सहायता समूह (SHG) से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
मुख्य उद्देश्य
आज बिहार में करीब 1.4 करोड़ महिलाएं जीविका से जुड़ी हुई हैं, और राज्य में 13 लाख से ज्यादा स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। इन समूहों के ज़रिए महिलाएं बचत करती हैं, एक-दूसरे को लोन देती हैं, और दूध उत्पादन, सिलाई-कढ़ाई, सब्ज़ी की खेती, अगरबत्ती-पापड़ बनाने जैसे छोटे कारोबार चलाती हैं।
इसी पूरे ढांचे को चलाने के लिए BRLPS ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर हज़ारों कर्मचारी और अधिकारी भी रखती है — और इन्हीं की सैलरी की बात नीचे विस्तार से करेंगे।
👩🌾 जीविका दीदी का वेतन कितना है?
जो महिलाएं गांव में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी होती हैं, उन्हें जीविका दीदी कहा जाता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि जीविका दीदी को सरकार की तरफ से कोई फिक्स सैलरी नहीं मिलती। उनकी कमाई इस पर निर्भर करती है कि वे अपने समूह के साथ कौन-सा रोज़गार कर रही हैं।
मौजूदा रिपोर्ट्स के मुताबिक, जीविका दीदी अभी ₹10,000 से ₹25,000 प्रति माह तक कमा पा रही हैं। यह राशि उनके बिज़नेस, स्वरोजगार और SHG की सक्रियता पर निर्भर करती है।
🏦 बैंक से मिलने वाली मदद: हर SHG को जीविका योजना के तहत बैंक से ₹30,000-₹40,000 या उससे ज्यादा का रिवॉल्विंग फंड/लोन मिलता है, जिससे महिलाएं अपना छोटा कारोबार शुरू करती हैं।
⚠️ एक बात साफ करना ज़रूरी है: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान RJD नेता तेजस्वी यादव ने जीविका दीदियों को ₹30,000 प्रति माह सैलरी देने का चुनावी वादा किया था। यह सिर्फ एक राजनीतिक घोषणा थी, मौजूदा सरकारी नियम के तहत लागू वेतन नहीं। इसलिए जीविका दीदी की असली कमाई अभी भी उनके स्वरोज़गार पर ही निर्भर करती है।
🧑💼 जीविका स्टाफ (BRLPS कर्मचारियों) का पदवार वेतन
जीविका दीदी के अलावा, BRLPS में ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर काम करने वाले नियमित कर्मचारी भी होते हैं, जिन्हें संगठित ढांचे के अनुसार तय मासिक वेतन मिलता है। अगस्त 2025 की BRLPS भर्ती अधिसूचना के मुताबिक, अलग-अलग पदों का बेसिक वेतन इस तरह है:
| पद | मासिक वेतन (लगभग) |
|---|---|
| 🧑💼 ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर (BPM) | ₹36,101 |
| 📊 लाइवलीहुड स्पेशलिस्ट | ₹32,458 |
| 🗺️ एरिया कोऑर्डिनेटर | ₹22,662 |
| 💻 ब्लॉक IT एग्जीक्यूटिव | ₹22,662 |
| 🧾 अकाउंटेंट (DPCU/BPIU स्तर) | ₹22,662 |
| 🤝 कम्युनिटी कोऑर्डिनेटर | ₹15,990 |
| 📁 ऑफिस असिस्टेंट (DPCU/BPIU स्तर) | ₹15,990 |
(यह राशि अन्य भत्तों — जैसे HRA, मेडिकल इंश्योरेंस — को छोड़कर है। भत्ते जुड़ने पर इन-हैंड सैलरी और बढ़ जाती है।)
ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर (BPM) — सबसे ऊंचा पद
BRLPS के स्ट्रक्चर में ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर सबसे ज़िम्मेदार और सबसे ज़्यादा वेतन पाने वाला पद है। यह ब्लॉक स्तर पर पूरी जीविका परियोजना की निगरानी करता है।
एरिया व कम्युनिटी कोऑर्डिनेटर — फ्रेशर्स के लिए मौका
एरिया कोऑर्डिनेटर और कम्युनिटी कोऑर्डिनेटर जैसे पद फ्रेशर्स और ग्रामीण विकास में दिलचस्पी रखने वालों के लिए सबसे उपयुक्त हैं। इनमें फील्ड वर्क ज़्यादा होता है।
📈 2026 की वेतन वृद्धि — किसको कितना फायदा
जनवरी 2026 में बिहार सरकार ने जीविका से जुड़े सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी है। अलग-अलग स्तर पर 10% से 30% तक की वृद्धि की गई है।
| कर्मचारी वर्ग | वेतन वृद्धि |
|---|---|
| निदेशक, उद्यम निदेशक, राज्य परियोजना/वित्त प्रबंधक | 10% |
| जिला प्रोजेक्ट मैनेजर, प्रोग्रामर, तकनीकी पद | 15% |
| ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर, थीमैटिक प्रबंधक | 20% |
| एरिया/कम्युनिटी कोऑर्डिनेटर, अकाउंटेंट, ऑफिस असिस्टेंट, स्टेनो, IT कर्मी | 30% तक |
📌 इसके अलावा सभी यंग प्रोफेशनल्स के वेतन में सीधे ₹5,000 प्रति माह की बढ़ोतरी की गई है।
🏥 मेडिक्लेम का तोहफा: अब हर जीविका कर्मचारी को ₹5 लाख तक का मेडिक्लेम बीमा भी मिलेगा, जो सभी स्तरों पर एक समान लागू होगा। इससे कर्मचारियों को स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा मिलेगी।
काम के बंटवारे में भी बदलाव हुआ है — अब एक सामुदायिक समन्वयक को एक ब्लॉक के अंदर सिर्फ तीन ग्राम पंचायतों की ज़िम्मेदारी दी जाएगी, जिससे काम का दबाव कम होगा।
नोट: ऊपर बताए गए प्रतिशत बढ़ोतरी के हिसाब से, उदाहरण के लिए BPM का वेतन लगभग ₹43,000+ और कम्युनिटी कोऑर्डिनेटर का वेतन लगभग ₹20,700+ तक पहुंच सकता है। सटीक अपडेटेड आंकड़ों के लिए BRLPS की आधिकारिक वेबसाइट देखना सबसे सही रहेगा, क्योंकि अलग-अलग रिपोर्ट्स में थोड़ा अंतर भी देखने को मिलता है।
🏦 CRP और बैंक सखी को कितना मानदेय मिलता है?
जीविका के मैदानी ढांचे में सामुदायिक संसाधन सेवी (CRP), सामुदायिक संगठन कार्यकर्ता और बैंक सखी (बैंकर दीदी) जैसे पद भी आते हैं — यह खुद जीविका दीदियों में से ही चुने जाते हैं और गांव-गांव जाकर दूसरी महिलाओं को SHG से जोड़ने, बैंकिंग और वित्तीय जानकारी देने का काम करते हैं।
जून 2025 में बिहार सरकार ने इन करीब 1.4 लाख कार्यकर्ताओं का मानदेय दोगुना करने का फैसला लिया था, जिसके लिए ₹347.51 करोड़ मंज़ूर किए गए। फिलहाल राज्यभर में 6,393 बैंक सखी महिलाओं को बैंकिंग सुविधाओं के बारे में जागरूक कर रही हैं।
इसके अलावा, SHG को मिलने वाले बैंक लोन पर ब्याज दर भी 10% से घटाकर 7% कर दी गई है — बाकी 3% का बोझ राज्य सरकार खुद उठाती है। इससे सीधे तौर पर जीविका दीदियों की बचत और कमाई पर असर पड़ता है।
📝 जीविका में नौकरी कैसे पाएं?
अगर आप BRLPS में किसी पद (जैसे BPM, अकाउंटेंट, ऑफिस असिस्टेंट) के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो ध्यान रखें:
- BRLPS समय-समय पर अपनी आधिकारिक वेबसाइट brlps.in पर नई भर्ती की सूचना जारी करता है।
- चयन आम तौर पर ऑनलाइन टेस्ट, टाइपिंग टेस्ट (जहां ज़रूरी हो) और दस्तावेज़ सत्यापन के आधार पर होता है।
- अगर आप गांव की महिला हैं और सिर्फ SHG से जुड़कर जीविका दीदी बनना चाहती हैं, तो अपने गांव के ग्राम संगठन कार्यालय या नज़दीकी CRP/ALO से संपर्क करें। वहां फॉर्म और एफिडेविट जमा करना होता है।
⚠️ समस्या और समाधान
समस्या: बहुत से लोग “जीविका की सैलरी” पूछते समय जीविका दीदी (SHG महिला) और जीविका स्टाफ (BRLPS कर्मचारी) को एक ही समझ लेते हैं।
समाधान: जीविका दीदी की कमाई उनके खुद के स्वरोज़गार से आती है — कोई फिक्स सरकारी सैलरी नहीं। जबकि BRLPS के नियमित कर्मचारियों (BPM, अकाउंटेंट, कोऑर्डिनेटर आदि) को महीने की तय सैलरी मिलती है। दोनों को अलग-अलग समझना ज़रूरी है, ताकि कोई गलतफहमी न हो।
❓ FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
❓ जीविका दीदी को महीने में कितना पैसा मिलता है? ✅ जीविका दीदी की कोई फिक्स सैलरी नहीं होती। उनकी कमाई स्वरोज़गार पर निर्भर करती है और मौजूदा समय में आम तौर पर ₹10,000 से ₹25,000 प्रति माह के बीच रहती है।
❓ जीविका में सबसे ज़्यादा वेतन किस पद को मिलता है? ✅ BRLPS के ढांचे में सबसे ज़्यादा वेतन ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर (BPM) को मिलता है, जो लगभग ₹36,101 प्रति माह (2026 की वेतन वृद्धि के बाद और ज़्यादा) है।
❓ क्या तेजस्वी यादव वाला ₹30,000 सैलरी वाला वादा अभी लागू है? ✅ नहीं, यह 2025 विधानसभा चुनाव के दौरान किया गया एक चुनावी वादा था, जो फिलहाल सरकारी नियम के तौर पर लागू नहीं है।
❓ जीविका कर्मियों को मेडिक्लेम भी मिलता है? ✅ हां, 2026 की वेतन वृद्धि के साथ सभी जीविका कर्मचारियों को ₹5 लाख तक का मेडिक्लेम बीमा दिया जा रहा है।
❓ बैंक सखी और CRP को कितना मानदेय मिलता है? ✅ जून 2025 में सरकार ने इनका मानदेय दोगुना कर दिया है, जिसके लिए ₹347.51 करोड़ मंज़ूर हुए हैं। इनकी सही राशि पद और ज़िले के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
❓ जीविका योजना सरकारी है या प्राइवेट? ✅ जीविका पूरी तरह से बिहार सरकार की योजना है, जिसे विश्व बैंक के सहयोग से BRLPS के ज़रिए चलाया जाता है।
✅ निष्कर्ष
बिहार में जीविका का वेतन एक ही आंकड़े में नहीं बताया जा सकता — यह इस पर निर्भर करता है कि आप जीविका दीदी हैं, CRP/बैंक सखी हैं, या BRLPS के नियमित कर्मचारी। जीविका दीदी की कमाई स्वरोज़गार पर आधारित (₹10,000-₹25,000), जबकि BPM जैसे संगठित पदों की सैलरी ₹36,000+ तक जाती है, और 2026 की वेतन वृद्धि के बाद यह आंकड़े और बढ़ चुके हैं।
अगर आप जीविका से जुड़ना चाहते हैं, तो अपने पद और भूमिका के हिसाब से सही जानकारी BRLPS की आधिकारिक वेबसाइट से ज़रूर जांच लें। 📋 आपका कोई सवाल हो तो कमेंट में बताएं!
स्रोत/संदर्भ: Prabhat Khabar, Patrika, India.com, Asianet News Hindi, BRLPS आधिकारिक भर्ती अधिसूचना (brlps.in) — जनवरी-फरवरी 2026 तक की रिपोर्ट्स पर आधारित। वेतन से जुड़े सटीक और ताज़ा आंकड़ों के लिए कृपया आधिकारिक BRLPS वेबसाइट देखें।