क्या आपकी डिलीवरी हो चुकी है लेकिन सरकारी योजना के पैसे अभी तक बैंक खाते में नहीं आए?
मध्य प्रदेश में लाखों महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना (JSY) और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत डिलीवरी के बाद आर्थिक सहायता दी जाती है।
लेकिन कई बार यह पैसा समय पर नहीं आता।
कभी बैंक डिटेल गलत होती है, कभी दस्तावेज अधूरे होते हैं, और कभी आवेदन समय पर सबमिट ही नहीं हुआ होता।
💡 इस आर्टिकल में आपको मिलेगा:
- पैसे न आने के सभी संभावित कारण
- Step-by-Step शिकायत करने का तरीका
- Payment Status चेक करने की प्रक्रिया
- Helpline Numbers और Official Sources
- शिकायत पत्र का तैयार प्रारूप (Format)
- 14 FAQ जो आपकी हर शंका दूर करेंगे

🏥 MP में डिलीवरी पर कौन सी योजनाओं से पैसे मिलते हैं?
मध्य प्रदेश में डिलीवरी के बाद महिलाओं को मुख्य रूप से दो सरकारी योजनाओं से पैसे मिलते हैं:
📌 1. जननी सुरक्षा योजना (JSY)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| किसने शुरू की | केंद्र सरकार (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) |
| उद्देश्य | गरीब महिलाओं को अस्पताल में डिलीवरी के लिए प्रोत्साहित करना |
| पात्रता | भारत सरकार एवं राज्य सरकार के लागू दिशानिर्देशों के अनुसार निर्धारित |
| शर्त | सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल में डिलीवरी |
| पैसा कैसे मिलता है | सीधे बैंक खाते में (DBT) |
💡 JSY पात्रता नोट: जननी सुरक्षा योजना के पात्रता नियम भारत सरकार एवं राज्य सरकार के लागू दिशानिर्देशों के अनुसार निर्धारित होते हैं। MP एक High Focus State है, इसलिए यहां BPL, SC/ST वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है। सटीक पात्रता अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आशा कार्यकर्ता से जरूर पुष्टि करें।
📌 2. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| किसने शुरू की | केंद्र सरकार |
| उद्देश्य | गर्भवती महिलाओं को पोषण सहायता देना |
| कुल राशि | ₹5,000 (पहले बच्चे पर, तीन किस्तों में) |
| PMMVY 2.0 | दूसरे बच्चे पर (लड़की होने पर) ₹6,000 |
| शर्त | आंगनवाड़ी / स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकरण |
| पैसा कैसे मिलता है | सीधे बैंक खाते में (DBT) |
💡 PMMVY नोट: PMMVY की पात्रता और किस्तों के नियम समय-समय पर भारत सरकार द्वारा संशोधित किए जा सकते हैं। आवेदन की स्थिति स्थानीय आंगनवाड़ी या संबंधित विभाग से भी सत्यापित करें।
⚠️ ध्यान दें: दोनों योजनाओं के पैसे अलग-अलग विभागों से आते हैं:
- JSY → स्वास्थ्य विभाग
- PMMVY → महिला एवं बाल विकास विभाग
शिकायत करते समय सही योजना का नाम बताना जरूरी है।
💰 डिलीवरी के पैसे कितने मिलते हैं MP में?
🔹 जननी सुरक्षा योजना (JSY) — राशि
| क्षेत्र | राशि | शर्त |
|---|---|---|
| ग्रामीण क्षेत्र | ₹1,400 | अस्पताल में डिलीवरी |
| शहरी क्षेत्र | ₹1,000 | अस्पताल में डिलीवरी |
| घर पर डिलीवरी (BPL) | ₹500 | सिर्फ BPL महिलाओं को (ग्रामीण) |
⚠️ उपरोक्त राशि NHM के लागू दिशानिर्देशों पर आधारित है। राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर इसमें बदलाव हो सकता है।
🔹 PMMVY — किस्तों का विवरण
| किस्त | राशि | कब मिलती है |
|---|---|---|
| पहली किस्त | ₹1,000 | गर्भावस्था के पंजीकरण पर |
| दूसरी किस्त | ₹2,000 | 6 महीने बाद प्रसवपूर्व जांच (ANC) के बाद |
| तीसरी किस्त | ₹2,000 | बच्चे के जन्म और पहले टीकाकरण के बाद |
| कुल | ₹5,000 | — |
💡 PMMVY 2.0: दूसरे बच्चे पर (अगर लड़की हो) ₹6,000 की राशि मिलती है। नियम भारत सरकार द्वारा संशोधित किए जा सकते हैं।
❌ डिलीवरी के पैसे नहीं आने के मुख्य कारण
अगर आपके डिलीवरी के पैसे MP में नहीं आए हैं, तो इनमें से कोई एक या अधिक कारण हो सकता है:
🔴 1. बैंक खाते की जानकारी गलत होना
- बैंक अकाउंट नंबर गलत भरा गया
- IFSC Code गलत हो
- आधार कार्ड बैंक से लिंक नहीं है
- बैंक खाता बंद या फ्रीज हो गया हो
🔴 2. आधार कार्ड से जुड़ी समस्या
- आधार में नाम और बैंक खाते में नाम अलग-अलग हो
- आधार से DBT इनेबल न हो
- आधार में मोबाइल नंबर अपडेट न हो
🔴 3. दस्तावेज अधूरे या गलत होना
- डिस्चार्ज समरी (Hospital Certificate) जमा न हुई
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र न बना हो
- ANC चेकअप (प्रसवपूर्व जांच) के रिकॉर्ड अधूरे हों
🔴 4. आवेदन समय पर सबमिट न होना
- कई मामलों में ऐसा देखा जाता है कि आवेदन समय पर सबमिट न होने से भुगतान में देरी होती है
- ANM या आशा कार्यकर्ता ने फॉर्म ऑनलाइन सबमिट न किया हो
- या फॉर्म में गलत जानकारी भर दी गई हो
🔴 5. तकनीकी समस्या (System Error)
- DBT सिस्टम में Technical Error से Payment अटक जाती है
- Batch Processing में Delay
🔴 6. पात्रता पूरी न होना
- PMMVY में दूसरे बच्चे पर (लड़का होने पर) लाभ नहीं मिलता
- आयु सीमा पूरी न होना
- लागू दिशानिर्देशों के अनुसार पात्रता शर्तें पूरी न होना
🔴 7. घर पर डिलीवरी (Home Delivery)
- JSY का पूरा लाभ सिर्फ अस्पताल में डिलीवरी पर मिलता है
- घर पर डिलीवरी में सीमित राशि मिलती है
⚠️ जरूरी बात: कई मामलों में पैसे इसलिए अटकते हैं क्योंकि आवेदन समय पर सबमिट नहीं हुआ होता। इसलिए सबसे पहले अपनी आशा कार्यकर्ता / ANM से बात करें और पुष्टि करें।
✅ डिलीवरी के पैसे नहीं आए तो क्या करें – Step-by-Step समाधान
नीचे सही क्रम में सभी कदम दिए गए हैं। इसी क्रम में आगे बढ़ें:

📍 Step 1: आशा कार्यकर्ता / ANM से बात करें
यह सबसे पहला और सबसे जरूरी कदम है।
- अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता (ASHA Worker) से मिलें
- उनसे पूछें:
- ✅ क्या आपका फॉर्म ऑनलाइन सबमिट हो गया है?
- ✅ क्या सभी दस्तावेज अपलोड हुए हैं?
- ✅ क्या बैंक डिटेल सही भरी गई है?
- ✅ MCTS पोर्टल पर आपका स्टेटस क्या दिख रहा है?
💡 कई मामलों में समस्या इसी स्तर पर हल हो जाती है।
📍 Step 2: PFMS पर Payment Status चेक करें
- Website: pfms.nic.in
- “Know Your Payment” पर क्लिक करें
- बैंक अकाउंट नंबर और बैंक का नाम डालें
- Status देखें:
- “Credited” → पैसा आ गया है (बैंक पासबुक चेक करें)
- “Pending” → प्रोसेसिंग में है
- “Failed” → बैंक डिटेल में गड़बड़ है (तुरंत सही करवाएं)
📍 Step 3: बैंक पासबुक अपडेट करवाएं
- कभी-कभी पैसा आ चुका होता है लेकिन पता नहीं चलता
- बैंक जाकर पासबुक प्रिंट करवाएं
- या ATM से मिनी स्टेटमेंट निकालें
- DBT से कोई Entry आई है या नहीं — यह चेक करें
📍 Step 4: PHC/CHC (स्वास्थ्य केंद्र) में शिकायत करें
अगर Step 1-3 से समाधान नहीं मिला, तो:
- अपने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) जाएं
- Block Program Manager या Medical Officer से मिलें
- सभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी साथ ले जाएं
- लिखित शिकायत दें
- रसीद (Acknowledgement) जरूर लें
📍 Step 5: CMHO Office (जिला स्तर) में शिकायत करें
- जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के कार्यालय जाएं
- District Program Manager (DPM) से मिलें
- JSY के पैसे न आने पर यहां शिकायत सबसे प्रभावी रहती है
📍 Step 6: PMMVY के लिए — आंगनवाड़ी / CDPO Office जाएं
अगर PMMVY की किस्त नहीं आई है, तो:
- अपनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से मिलें
- Application ID पूछें
- CDPO (Child Development Project Officer) कार्यालय में शिकायत करें
- लिखित आवेदन दें और रसीद लें
📍 Step 7: CM Helpline 181 पर कॉल करें
यह मध्य प्रदेश सरकार का सबसे भरोसेमंद शिकायत माध्यम है।
कैसे करें:
1️⃣ मोबाइल से 181 पर कॉल करें
2️⃣ अपनी समस्या बताएं:
- आपका नाम
- जिला / ब्लॉक / गांव
- डिलीवरी की तारीख
- अस्पताल का नाम
- योजना का नाम (JSY या PMMVY)
3️⃣ शिकायत संख्या नोट कर लें
4️⃣ बाद में उसी नंबर से शिकायत की स्थिति पूछें
💡 181 Helpline हमेशा काम करता है — किसी वेबसाइट या पोर्टल पर निर्भर नहीं है।
📍 Step 8: 104 Health Helpline पर कॉल करें
- JSY से संबंधित शिकायतों के लिए 104 पर कॉल करें
- यह स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक हेल्पलाइन है
📍 Step 9: NHM Toll-Free Helpline
- नंबर: 1800-180-1104 (Toll-Free)
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की हेल्पलाइन
- JSY से जुड़ी शिकायतें यहां भी दर्ज हो सकती हैं
📍 Step 10: जनप्रतिनिधि की सहायता लें
अगर सभी तरीके काम न करें, तो:
- अपने क्षेत्र के विधायक से मिलें
- या सरपंच / जनपद पंचायत सदस्य से बात करें
- वे समस्या को प्रशासन के ऊपरी स्तर तक पहुंचा सकते हैं
📌 शिकायत का सही क्रम याद रखें:
आशा/ANM → PFMS Status → बैंक → PHC/CHC → CMHO → CDPO (PMMVY) → CM Helpline 181 → 104 → विधायक/सरपंच
🚀 डिलीवरी के पैसे नहीं आए तो तुरंत क्या करें?
Quick Action Steps:
1️⃣ आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें — फॉर्म सबमिट हुआ या नहीं
2️⃣ PFMS (pfms.nic.in) में Payment Status देखें
3️⃣ बैंक पासबुक अपडेट कराएं
4️⃣ PHC/CHC में लिखित शिकायत दें
5️⃣ CMHO कार्यालय जाएं (JSY) / CDPO कार्यालय जाएं (PMMVY)
6️⃣ 181 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करें
📝 शिकायत कैसे करें — Online + Offline दोनों तरीके

🔹 Online / Phone शिकायत के तरीके
| तरीका | कैसे करें |
|---|---|
| CM Helpline 181 | कॉल करें → समस्या बताएं → शिकायत नंबर लें |
| CM Helpline App | App डाउनलोड करें → रजिस्ट्रेशन → नई शिकायत → Submit |
| 104 Helpline | कॉल करें → JSY से जुड़ी शिकायत बताएं |
| 1800-180-1104 | NHM Toll-Free → JSY शिकायत |
🔹 Offline शिकायत के तरीके
| कहां जाएं | किसके लिए |
|---|---|
| आशा कार्यकर्ता / ANM | दोनों योजनाओं के लिए (पहला कदम) |
| PHC / CHC | JSY और सामान्य शिकायत |
| CMHO Office | जिला स्तर पर JSY शिकायत |
| आंगनवाड़ी / CDPO Office | PMMVY के लिए |
| विधायक / सरपंच | अंतिम विकल्प |
⚠️ हमेशा लिखित शिकायत दें और रसीद जरूर लें। मौखिक शिकायत का कोई रिकॉर्ड नहीं रहता।
📄 शिकायत पत्र का प्रारूप (Application Format)
नीचे दिया गया फॉर्मेट कॉपी करके सीधे इस्तेमाल कर सकते हैं:
सेवा में,
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO)
जिला – [अपना जिला लिखें]
मध्य प्रदेश
विषय: डिलीवरी के बाद जननी सुरक्षा योजना / PMMVY के अंतर्गत
देय राशि प्राप्त न होने के संबंध में।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मेरा नाम [अपना नाम] है और मैं
ग्राम/वार्ड [गांव/वार्ड], ब्लॉक [ब्लॉक], जिला [जिला]
की निवासी हूं।
मेरी डिलीवरी दिनांक [तारीख] को [अस्पताल का नाम] में
हुई थी। मैंने [योजना का नाम — JSY / PMMVY] के तहत लाभ
प्राप्त करने हेतु सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए हैं।
परंतु आज तक मेरे बैंक खाते
(खाता संख्या: [नंबर], बैंक: [बैंक का नाम])
में योजना की राशि प्राप्त नहीं हुई है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि मेरी समस्या का शीघ्र
समाधान कर योजना की राशि मेरे खाते में भिजवाने
की कृपा करें।
संलग्न दस्तावेज:
- आधार कार्ड की छायाप्रति
- बैंक पासबुक की छायाप्रति
- डिस्चार्ज समरी / Hospital Certificate
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
- MCP Card (मातृ शिशु सुरक्षा कार्ड)
दिनांक: [तारीख]
भवदीया,
[अपना नाम]
[पूरा पता]
[मोबाइल नंबर]
💡 Tips:
- शिकायत पत्र की 2 कॉपी बनाएं
- एक जमा करें, दूसरी पर प्राप्ति की मुहर (Receipt Stamp) लगवाकर रखें
- PMMVY के लिए यही पत्र CDPO Office को भी दें
🔍 डिलीवरी का पैसा स्टेटस कैसे चेक करें MP
✅ तरीका 1: PFMS Portal
Website: pfms.nic.in
Steps:
1️⃣ वेबसाइट खोलें
2️⃣ “Know Your Payment” पर क्लिक करें
3️⃣ बैंक अकाउंट नंबर और बैंक का नाम डालें
4️⃣ Captcha भरें → Search करें
5️⃣ Status देखें:
| Status | मतलब | क्या करें |
|---|---|---|
| Credited | पैसा खाते में आ गया | बैंक पासबुक चेक करें |
| Pending | प्रोसेसिंग में है | कुछ समय इंतजार करें, फिर शिकायत |
| Failed | बैंक डिटेल में गड़बड़ | तुरंत ANM/आशा से बात करें |
✅ तरीका 2: बैंक पासबुक अपडेट करवाएं
- बैंक जाकर पासबुक प्रिंट करवाएं
- या ATM से मिनी स्टेटमेंट निकालें
- DBT Entry आई है या नहीं — देखें
✅ तरीका 3: आशा कार्यकर्ता / ANM से पूछें
- वे MCTS (Mother and Child Tracking System) पोर्टल पर आपका स्टेटस देख सकती हैं
- Application की पूरी जानकारी उनके पास होती है
✅ तरीका 4: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से (PMMVY के लिए)
- PMMVY की Application ID पूछें
- उनसे कहें कि वे CDPO Office से स्टेटस चेक करवाएं
✅ तरीका 5: CM Helpline 181 पर कॉल करके
- 181 पर कॉल करें
- पहले दर्ज शिकायत का शिकायत नंबर बताएं
- वे आपको अपडेट देंगे
📋 जरूरी दस्तावेज जो तैयार रखें
शिकायत करते समय या स्टेटस पूछते समय ये दस्तावेज हमेशा साथ रखें:
| क्रम | दस्तावेज | क्यों जरूरी है |
|---|---|---|
| 1 | ✅ आधार कार्ड | पहचान और DBT के लिए |
| 2 | ✅ बैंक पासबुक (पहले पन्ने की कॉपी) | खाता नंबर और IFSC |
| 3 | ✅ Hospital Discharge Summary | डिलीवरी का प्रमाण |
| 4 | ✅ बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र | जन्म की पुष्टि |
| 5 | ✅ MCP Card (मातृ शिशु सुरक्षा कार्ड) | ANC चेकअप रिकॉर्ड |
| 6 | ✅ राशन कार्ड / BPL कार्ड | पात्रता प्रमाण |
| 7 | ✅ मोबाइल नंबर (आधार से लिंक) | OTP और संपर्क |
| 8 | ✅ शिकायत की रसीद | Follow-up के लिए |
💡 सभी दस्तावेजों की 2-3 फोटोकॉपी पहले से बनाकर रखें। हर बार नई कॉपी बनवाने में समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है।
📞 महत्वपूर्ण Helpline Numbers और Official Sources
| सेवा | संपर्क | प्रकार |
|---|---|---|
| CM Helpline (MP) | 181 | कॉल |
| स्वास्थ्य हेल्पलाइन | 104 | कॉल |
| NHM Helpline | 1800-180-1104 | Toll-Free |
| PMMVY सहायता | स्थानीय आंगनवाड़ी / CDPO कार्यालय | ऑफलाइन |
| PFMS Portal | pfms.nic.in | Payment Status Check |
| NHM MP Website | nhmmp.gov.in | Official Info |
| MP Health Department | health.mp.gov.in | Official Info |
⚠️ नोट: कुछ सरकारी पोर्टल समय-समय पर अपडेट या अस्थायी रूप से बंद हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में Helpline Number और स्थानीय कार्यालय से संपर्क करना सबसे सुरक्षित तरीका है।
🛠️ समस्या और समाधान — Quick Reference Table

| समस्या | संभावित कारण | क्या करें |
|---|---|---|
| पैसा बिल्कुल नहीं आया | फॉर्म सबमिट नहीं हुआ | आशा कार्यकर्ता से पुष्टि करें |
| PFMS में “Failed” दिख रहा | बैंक डिटेल गलत | बैंक नंबर और IFSC सही करवाएं |
| PFMS में “Pending” दिख रहा | Processing में Delay | कुछ समय इंतजार, फिर 181 पर शिकायत |
| PMMVY की एक किस्त आई, दूसरी नहीं | ANC चेकअप अधूरा | आंगनवाड़ी / ANM से बात करें |
| आधार Mismatch | नाम अलग-अलग | आधार में नाम सही करवाएं |
| “पात्र नहीं हैं” बताया गया | पात्रता शर्तें पूरी नहीं | लागू दिशानिर्देश दोबारा चेक करें |
| Hospital ने Certificate नहीं दिया | Hospital की लापरवाही | CMHO Office में शिकायत करें |
| आशा कार्यकर्ता मदद नहीं कर रही | — | PHC/CHC के Medical Officer से मिलें |
| कोई सुनवाई नहीं हो रही | — | CM Helpline 181 पर कॉल करें |
| 181 से भी समाधान नहीं मिला | — | विधायक / सरपंच से मिलें |
📊 एक नजर में समाधान
| समस्या | तुरंत समाधान |
|---|---|
| Payment Pending | PFMS चेक करें + इंतजार करें |
| Payment Failed | बैंक डिटेल सुधारें |
| Form नहीं गया | आशा कार्यकर्ता से बात करें |
| PMMVY किस्त रुकी | CDPO Office जाएं |
| कोई सुनवाई नहीं | 181 पर कॉल करें |
| बैंक खाता बदल गया | ANM से नया खाता अपडेट करवाएं |
| आधार लिंक नहीं | बैंक में आधार सीडिंग करवाएं |
❓ FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
❓ Q1: MP में डिलीवरी के बाद पैसे कितने दिन में आते हैं?
✅ आमतौर पर पात्रता सत्यापन और DBT प्रक्रिया पूरी होने के बाद भुगतान किया जाता है। समय जिला, दस्तावेज़ सत्यापन और विभागीय प्रक्रिया पर निर्भर करता है। कई मामलों में 15-45 दिन लग सकते हैं, जबकि कुछ मामलों में अधिक समय भी लग सकता है। अगर बहुत अधिक समय हो जाए तो शिकायत जरूर करें।
❓ Q2: डिलीवरी के पैसे किस बैंक खाते में आते हैं?
✅ पैसे उसी खाते में आते हैं जो आवेदन फॉर्म में दिया गया है और जो आधार से लिंक है। खाता महिला के नाम से होना चाहिए।
❓ Q3: घर पर डिलीवरी होने पर पैसे मिलते हैं क्या?
✅ JSY में घर पर डिलीवरी पर BPL महिलाओं को ₹500 (ग्रामीण) मिल सकते हैं। पूरी राशि सिर्फ अस्पताल में डिलीवरी पर मिलती है। PMMVY में डिलीवरी कहीं भी हो, शर्तें पूरी होने पर पैसे मिलते हैं।
❓ Q4: दूसरे बच्चे पर भी डिलीवरी के पैसे मिलते हैं?
✅ PMMVY 2.0 में दूसरे बच्चे पर (अगर लड़की हो) ₹6,000 मिलते हैं। JSY में भी लागू दिशानिर्देशों के अनुसार दूसरे बच्चे पर लाभ मिल सकता है। सटीक जानकारी स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र से लें।
❓ Q5: आशा कार्यकर्ता पैसे मांग रही है — क्या करें?
✅ आपको कोई पैसा देने की जरूरत नहीं है। सारा पैसा सीधे बैंक खाते (DBT) में आता है। पैसे मांगना भ्रष्टाचार है — CM Helpline 181 पर शिकायत करें।
❓ Q6: PFMS पर Payment Status कैसे चेक करें?
✅ pfms.nic.in → “Know Your Payment” → बैंक अकाउंट नंबर डालें → Search करें। Payment की पूरी डिटेल दिख जाएगी।
❓ Q7: अगर ऑनलाइन पोर्टल काम नहीं करे तो शिकायत कैसे करें?
✅ CM Helpline 181 पर कॉल करें। इसके अलावा 104 हेल्पलाइन, PHC/CHC, CMHO Office, और आंगनवाड़ी / CDPO Office में भी शिकायत कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन देकर रसीद जरूर लें।
❓ Q8: क्या सीजेरियन डिलीवरी पर ज्यादा पैसे मिलते हैं?
✅ JSY और PMMVY दोनों में राशि डिलीवरी के प्रकार (नॉर्मल या सीजेरियन) से नहीं बदलती।
❓ Q9: क्या प्राइवेट अस्पताल में डिलीवरी पर भी पैसे मिलते हैं?
✅ JSY का लाभ सरकारी और मान्यता प्राप्त प्राइवेट अस्पतालों में मिलता है — किसी भी प्राइवेट अस्पताल में नहीं। PMMVY में अस्पताल का प्रकार मायने नहीं रखता, लेकिन पंजीकरण जरूरी है।
❓ Q10: PMMVY की Application ID कहां से मिलेगी?
✅ जब आपका PMMVY फॉर्म भरा गया था, तब एक रसीद दी गई होगी — उसमें Application ID होती है। अगर रसीद नहीं है तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से पूछें।
❓ Q11: क्या 181 Helpline पर शिकायत करने से सच में काम होता है?
✅ हां, CM Helpline 181 एक प्रभावी माध्यम है। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग को निश्चित समय सीमा में जवाब देना होता है। शिकायत नंबर से आप Follow-up भी कर सकती हैं।
❓ Q12: अगर बैंक खाता बदल गया हो तो क्या करें?
✅ अगर आपका बैंक खाता बदल गया है, तो तुरंत अपनी आशा कार्यकर्ता / ANM को बताएं। वे MCTS पोर्टल या संबंधित सिस्टम में आपका नया बैंक खाता अपडेट करवा सकती हैं। नया खाता भी आधार से लिंक और महिला के नाम से होना चाहिए। PHC/CHC में भी लिखित अनुरोध दें।
❓ Q13: अगर आधार बैंक से लिंक नहीं है तो क्या होगा?
✅ अगर आधार बैंक से लिंक नहीं है, तो DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए पैसा आपके खाते में नहीं आ पाएगा। इसके लिए अपनी बैंक शाखा में जाएं और आधार सीडिंग (Aadhaar Seeding) करवाएं। साथ ले जाएं — आधार कार्ड, बैंक पासबुक, और मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)।
❓ Q14: क्या DBT Failed Payment दोबारा भेजा जाता है?
✅ हां, अगर PFMS पर Payment Status “Failed” दिख रहा है, तो बैंक डिटेल सही करवाने के बाद विभाग द्वारा Payment Re-process किया जा सकता है। इसके लिए अपनी ANM / आशा कार्यकर्ता को बताएं कि PFMS पर Failed दिख रहा है, और बैंक डिटेल सही करवा दी है — वे आगे की प्रक्रिया करेंगी। जरूरत पड़े तो CMHO Office में भी लिखित अनुरोध दें।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश में डिलीवरी के पैसे नहीं आना परेशान करने वाली बात है, लेकिन इसका समाधान जरूर है।
संक्षेप में — यह करें:
| क्रम | कदम |
|---|---|
| 1️⃣ | आशा कार्यकर्ता / ANM से बात करें — फॉर्म सबमिट हुआ या नहीं |
| 2️⃣ | PFMS Portal (pfms.nic.in) पर Payment Status चेक करें |
| 3️⃣ | बैंक पासबुक अपडेट करवाएं |
| 4️⃣ | बैंक डिटेल और आधार लिंकिंग वेरिफाई करें |
| 5️⃣ | समस्या बनी रहे तो PHC/CHC → CMHO में लिखित शिकायत दें |
| 6️⃣ | PMMVY के लिए आंगनवाड़ी / CDPO Office जाएं |
| 7️⃣ | CM Helpline 181 या 104 पर कॉल करें |
| 8️⃣ | सभी दस्तावेज और शिकायत रसीद सुरक्षित रखें |
🙏 याद रखें: यह आपका अधिकार है। सरकार ने यह योजनाएं आपके लिए बनाई हैं। बस सही क्रम में Follow-Up करें — पैसे जरूर आएंगे।
⚠️ Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। योजनाओं के नियम, राशि और प्रक्रिया में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। कृपया संबंधित विभाग और Helpline से Latest जानकारी जरूर Verify करें। कुछ सरकारी पोर्टल समय-समय पर अस्थायी रूप से बंद हो सकते हैं — ऐसी स्थिति में Helpline Number और स्थानीय कार्यालय से संपर्क करें।
Official Sources
| स्रोत | लिंक |
|---|---|
| राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) | nhm.gov.in |
| NHM मध्य प्रदेश | nhmmp.gov.in |
| PMMVY (भारत सरकार) | wcd.nic.in |
| PFMS (Payment Status) | pfms.nic.in |
| MP स्वास्थ्य विभाग | health.mp.gov.in |
💡 योजनाओं से जुड़ी किसी भी जानकारी को हमेशा उपरोक्त Official Sources से Verify करें।
📅 Last Updated: July 2026
📌 Author Note: यह लेख सरकारी दिशा-निर्देशों, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), PMMVY तथा मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। योजनाओं के नियम समय-समय पर बदल सकते हैं — कृपया संबंधित विभाग से Latest जानकारी जरूर सत्यापित करें।