क्या आपकी या आपके परिवार में किसी की डिलीवरी हुई है और आप जानना चाहते हैं कि MP में डिलीवरी के कितने दिन बाद पैसे मिलते हैं?
मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार मिलकर गर्भवती महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना (JSY) और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत आर्थिक सहायता देती है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही रहता है — “पैसे कब आएंगे? कितने दिन लगते हैं? किस खाते में आएंगे?”
हमारे पास आने वाले अधिकांश प्रश्नों में महिलाओं ने बताया कि भुगतान दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बाद ही प्राप्त हुआ। इसलिए आवेदन के समय सभी दस्तावेज सही और पूरे देना बेहद महत्वपूर्ण है।
इस आर्टिकल में आपको MP में डिलीवरी के बाद मिलने वाली हर योजना, पैसे आने की Payment Timeline, जरूरी दस्तावेज, Payment Status चेक करने का तरीका और आवेदन की पूरी प्रक्रिया — सब कुछ आसान भाषा में मिलेगा।

MP में डिलीवरी के बाद कौन सी योजनाओं से पैसे मिलते हैं?
मध्य प्रदेश में डिलीवरी के बाद महिलाओं को मुख्य रूप से 2 योजनाओं से पैसे मिलते हैं:
| क्र. | योजना का नाम | कितने पैसे मिलते हैं | किसे मिलते हैं |
|---|---|---|---|
| 1 | जननी सुरक्षा योजना (JSY) | ₹1,400 (ग्रामीण) / ₹1,000 (शहरी) | सरकारी संस्थान में प्रसव कराने वाली पात्र महिलाएं |
| 2 | प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) | ₹5,000 (पहली संतान); ₹6,000 (बेटी होने पर दूसरी संतान) | पहली/दूसरी संतान वाली पात्र माताएं |
⚠️ ध्यान दें: ये राशियां जुलाई 2026 की स्थिति के अनुसार हैं। सरकार समय-समय पर राशि और नियमों में बदलाव कर सकती है। नवीनतम जानकारी के लिए हमेशा MP सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
जननी सुरक्षा योजना (JSY) में कितने दिन बाद पैसे मिलते हैं?
जननी सुरक्षा योजना (JSY) केंद्र सरकार की योजना है जो गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव (अस्पताल में डिलीवरी) के लिए प्रोत्साहित करती है।
मध्य प्रदेश एक High Focus State है, इसलिए यहाँ JSY का लाभ व्यापक स्तर पर उपलब्ध है।
💰 कितने पैसे मिलते हैं?
| क्षेत्र | माता को | ASHA कार्यकर्ता को |
|---|---|---|
| ग्रामीण | ₹1,400 | ₹600 |
| शहरी | ₹1,000 | ₹400 |
⏰ कितने दिन बाद पैसे मिलते हैं?
JSY में सामान्यतः डिलीवरी के बाद 7 से 30 दिन के अंदर पैसे मिल जाते हैं।
हालांकि, दस्तावेज सत्यापन, DBT प्रक्रिया और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के आधार पर यह समय अधिक भी लग सकता है — कई मामलों में 45 दिन या उससे अधिक का समय भी देखा गया है।
यह कई बातों पर निर्भर करता है:
- ✅ अस्पताल में डिलीवरी हुई है या घर पर
- ✅ सभी दस्तावेज समय पर और सही जमा हुए हैं या नहीं
- ✅ बैंक खाता आधार से लिंक है या नहीं
- ✅ ASHA कार्यकर्ता ने रिपोर्ट समय पर भेजी है या नहीं
- ✅ DBT (Direct Benefit Transfer) प्रक्रिया में कोई तकनीकी समस्या तो नहीं
💡 अनुभव से बात: हमारे पास आने वाले कई सवालों में महिलाओं ने बताया कि जब सभी दस्तावेज पहले से तैयार थे और ASHA कार्यकर्ता ने समय पर रिपोर्ट भेजी, तो 2 सप्ताह के अंदर पैसे आ गए। लेकिन दस्तावेजों में कमी होने पर डेढ़ महीने तक भी इंतज़ार करना पड़ा। इसलिए डिलीवरी से पहले ही सारे कागज तैयार रखें।
✅ JSY पात्रता — MP के लिए (2026)
मध्य प्रदेश एक High Focus State है, इसलिए यहाँ JSY का दायरा अन्य राज्यों की तुलना में व्यापक है:
- सरकारी अस्पताल या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) कराने वाली महिलाओं को लाभ मिलता है
- SC/ST महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है
- पात्रता संबंधित अन्य नियम राज्य एवं केंद्र सरकार के वर्तमान JSY Guidelines के अनुसार लागू होते हैं
📌 महत्वपूर्ण: JSY की पात्रता शर्तें समय-समय पर अपडेट होती रहती हैं। नवीनतम और सटीक पात्रता जानने के लिए अपनी ASHA कार्यकर्ता, नजदीकी PHC (Primary Health Centre) या National Health Mission की वेबसाइट देखें।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) में पैसे कब मिलते हैं?
PMMVY योजना में डिलीवरी के बाद पैसे किस्तों में मिलते हैं।
📋 किस्तों का विवरण — पहली संतान
| किस्त | कब मिलती है | राशि |
|---|---|---|
| पहली किस्त | गर्भावस्था के पंजीकरण पर (अंतिम माहवारी के 150 दिन के अंदर) | ₹3,000 |
| दूसरी किस्त | प्रसव (डिलीवरी) के बाद, बच्चे के जन्म पंजीकरण और पहले टीकाकरण चक्र के बाद | ₹2,000 |
| कुल | — | ₹5,000 |
📋 दूसरी संतान (बेटी होने पर)
| किस्त | कब मिलती है | राशि |
|---|---|---|
| एकमुश्त | बेटी के जन्म के बाद | ₹6,000 |
⏰ PMMVY में डिलीवरी के कितने दिन बाद पैसे मिलते हैं?
डिलीवरी के बाद दूसरी किस्त मिलने में आमतौर पर 30 से 90 दिन लगते हैं — सभी दस्तावेज सत्यापित होने और DBT स्वीकृत होने के बाद।
यह समय इस पर निर्भर करता है:
- 📌 आंगनवाड़ी केंद्र पर आवेदन कब जमा किया
- 📌 बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बना या नहीं
- 📌 बच्चे का पहला टीकाकरण (BCG, OPV, Hepatitis B) हुआ या नहीं
- 📌 DBT (Direct Benefit Transfer) के लिए बैंक खाता सही लिंक है या नहीं
- 📌 दस्तावेजों का सत्यापन पूरा हुआ या नहीं
🔔 जरूरी बात: PMMVY में पैसे सीधे महिला के बैंक खाते में आते हैं (DBT के माध्यम से)। खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है।

डिलीवरी के बाद पैसे पाने के लिए जरूरी दस्तावेज
दोनों योजनाओं के लिए आमतौर पर ये दस्तावेज लगते हैं:
📄 जरूरी दस्तावेजों की सूची
| क्र. | दस्तावेज | किस योजना में लगता है |
|---|---|---|
| 1 | ✅ आधार कार्ड (माता का) | JSY, PMMVY |
| 2 | ✅ बैंक पासबुक (आधार से लिंक) | JSY, PMMVY |
| 3 | ✅ MCP कार्ड (Mother & Child Protection Card) | JSY, PMMVY |
| 4 | ✅ बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र | PMMVY |
| 5 | ✅ अस्पताल का डिस्चार्ज सर्टिफिकेट | JSY |
| 6 | ✅ टीकाकरण कार्ड (बच्चे का) | PMMVY |
| 7 | ✅ गर्भावस्था पंजीकरण प्रमाण पत्र | PMMVY |
| 8 | ✅ पासपोर्ट साइज फोटो | आवेदन फॉर्म के साथ |
| 9 | ✅ समग्र ID (MP के लिए) | कई राज्य स्तरीय योजनाओं में उपयोगी |
📌 समग्र ID के बारे में: कई राज्य स्तरीय योजनाओं एवं लाभों में समग्र ID उपयोगी होती है। अगर अभी तक नहीं बनी है, तो samagra.gov.in पर जाकर बनवा सकते हैं।
आवेदन कैसे करें – Step-by-Step प्रक्रिया

🏥 JSY (जननी सुरक्षा योजना) के लिए
यह प्रक्रिया मुख्य रूप से ऑफलाइन है।
Step 1: गर्भावस्था के दौरान नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकरण करवाएं।
Step 2: अपनी ASHA कार्यकर्ता से संपर्क करें — वो आपकी पूरी मदद करेंगी।
Step 3: डिलीवरी सरकारी अस्पताल या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में करवाएं।
Step 4: डिलीवरी के बाद अस्पताल में ही JSY आवेदन फॉर्म भरें और सभी दस्तावेज जमा करें।
Step 5: दस्तावेज सत्यापन और DBT प्रक्रिया पूरी होने के बाद पैसे सीधे आपके बैंक खाते में आ जाएंगे।
📱 PMMVY (प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना) के लिए
Online तरीका
Step 1: अधिकृत PMMVY पोर्टल या उमंग (UMANG) ऐप पर जाएं।
Step 2: मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें।
Step 3: गर्भावस्था पंजीकरण के बाद पहली किस्त के लिए आवेदन भरें।
Step 4: डिलीवरी के बाद दूसरी किस्त के लिए आवेदन भरें — इसमें बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और टीकाकरण कार्ड की जानकारी देनी होगी।
Step 5: सब Verify होने के बाद पैसे DBT से बैंक खाते में आ जाएंगे।
📌 ध्यान दें: अधिकांश मामलों में PMMVY का आवेदन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से ही किया जाता है। हर लाभार्थी को स्वयं पोर्टल Login करने की आवश्यकता नहीं होती।
Offline तरीका (सबसे आसान)
Step 1: नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाएं।
Step 2: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से PMMVY आवेदन के बारे में बात करें।
Step 3: सभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी के साथ कार्यकर्ता को दें।
Step 4: कार्यकर्ता आपकी जानकारी अधिकृत PMMVY सिस्टम पर दर्ज करेंगी।
Step 5: Approval और सत्यापन के बाद पैसे बैंक खाते में आ जाएंगे।
💡 सुझाव: अगर आपको Online प्रक्रिया समझ नहीं आ रही, तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से मिलें — वो पूरा आवेदन करवा देंगी। यही सबसे आसान तरीका है।
पैसे आए या नहीं — कैसे चेक करें?
बहुत सी महिलाएं यह जानना चाहती हैं कि डिलीवरी के बाद पैसे आए या नहीं। इसे चेक करने के कई तरीके हैं:
🔍 Payment Status चेक करने के तरीके
| तरीका | कैसे करें |
|---|---|
| बैंक पासबुक | नजदीकी बैंक शाखा में जाकर पासबुक प्रिंट करवाएं — DBT राशि Entry में दिखेगी |
| DBT Status | DBT Bharat Portal पर जाकर अपना स्टेटस चेक करें |
| PFMS Portal | pfms.nic.in पर “Know Your Payment” सेक्शन में बैंक अकाउंट नंबर डालकर देखें |
| आंगनवाड़ी कार्यकर्ता | PMMVY के लिए — अपनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से पूछें, वो सिस्टम पर स्टेटस देख सकती हैं |
| ASHA कार्यकर्ता | JSY के लिए — अपनी ASHA दीदी से संपर्क करें |
| UMANG App | UMANG ऐप पर PMMVY सेक्शन में जाकर स्टेटस चेक करें |
💡 सबसे आसान तरीका: अपनी बैंक पासबुक अपडेट करवाएं। अगर DBT से पैसा आया होगा, तो वहाँ Entry दिख जाएगी।
Payment Delay क्यों होता है?
🔔 Info: कई बार पैसे तय समय से देर से आते हैं। इसके पीछे ये मुख्य कारण होते हैं:
| क्र. | कारण | समाधान |
|---|---|---|
| 1 | आधार बैंक से लिंक नहीं है | बैंक जाकर आधार सीडिंग करवाएं |
| 2 | दस्तावेज अधूरे या गलत जमा हुए | सही दस्तावेज दोबारा जमा करें |
| 3 | बैंक खाता निष्क्रिय (Inactive) है | बैंक जाकर खाता एक्टिवेट करवाएं |
| 4 | NPCI Mapping सही नहीं है | बैंक में जाकर NPCI Mapping ठीक करवाएं |
| 5 | ASHA/आंगनवाड़ी ने रिपोर्ट देर से भेजी | PHC या ANM से संपर्क करें |
| 6 | सर्वर या तकनीकी समस्या | कुछ दिन इंतज़ार करें, फिर शिकायत करें |
| 7 | समग्र ID में जानकारी गलत | samagra.gov.in पर करेक्शन करवाएं |
💡 अनुभव से: ज्यादातर मामलों में Payment Delay का कारण आधार-बैंक लिंक न होना या दस्तावेजों में कमी होता है। अगर ये दोनों चीजें पहले से सही हैं, तो पैसे समय पर आने की संभावना बहुत बढ़ जाती है।

पैसे न आने पर क्या करें – समस्या और समाधान
अगर तय समय बीत जाने के बाद भी पैसे नहीं आए हैं, तो नीचे दिए गए तरीकों से शिकायत करें:
📞 शिकायत कहाँ करें?
| माध्यम | विवरण |
|---|---|
| CM Helpline | 181 (मध्य प्रदेश) |
| PMMVY Helpline | 011-23382393 |
| समग्र पोर्टल | samagra.gov.in |
| MP e-District | mpedistrict.gov.in |
| नजदीकी PHC / CHC | सीधे जाकर बात करें |
| आंगनवाड़ी केंद्र | PMMVY संबंधित समस्या के लिए |
| जिला स्वास्थ्य अधिकारी | अगर PHC से समाधान न मिले |
💡 सुझाव: शिकायत करते समय अपना आवेदन नंबर, समग्र ID, आधार नंबर और बैंक पासबुक की कॉपी साथ रखें। इससे समाधान जल्दी मिलता है।
कौन-कौन से बैंक खाते स्वीकार होते हैं?
DBT के माध्यम से पैसे प्राप्त करने के लिए सही बैंक खाता होना जरूरी है:
| खाते का प्रकार | स्वीकार होता है? | ध्यान रखने योग्य बात |
|---|---|---|
| जनधन खाता | ✅ हाँ | सबसे आसान — बिना Minimum Balance के चलता है |
| Savings Account | ✅ हाँ | आधार से लिंक होना जरूरी |
| Joint Account | ⚠️ शर्तों पर निर्भर | महिला का नाम Primary Holder के रूप में होना चाहिए |
| Inactive Account | ❌ नहीं | पहले बैंक जाकर एक्टिवेट करवाएं |
| पति/परिवार के खाते | ❌ नहीं | पैसे सिर्फ महिला के अपने खाते में आते हैं |
📌 NPCI Mapping क्या है और क्यों जरूरी है?
NPCI (National Payments Corporation of India) Mapping का मतलब है कि आपका आधार नंबर आपके बैंक खाते से सही तरीके से जुड़ा हो।
अगर NPCI Mapping सही नहीं है, तो DBT से पैसा ट्रांसफर फेल हो सकता है।
कैसे ठीक करें?
- अपने बैंक की शाखा में जाएं
- कहें कि “आधार सीडिंग और NPCI Mapping” करवाना है
- 2-3 दिन में ठीक हो जाता है
MP में डिलीवरी के बाद मिलने वाली कुल राशि – एक नज़र में
अगर एक पात्र महिला को दोनों योजनाओं का लाभ मिले, तो कुल राशि कुछ इस प्रकार होगी:
पहली संतान (बेटा या बेटी)
| योजना | राशि | कब मिलती है |
|---|---|---|
| JSY (ग्रामीण) | ₹1,400 | डिलीवरी के 7-30 दिन बाद |
| PMMVY — पहली किस्त | ₹3,000 | गर्भावस्था पंजीकरण पर |
| PMMVY — दूसरी किस्त | ₹2,000 | डिलीवरी के 30-90 दिन बाद |
| कुल लाभ | ₹6,400 | — |
दूसरी संतान (बेटी होने पर)
| योजना | राशि | कब मिलती है |
|---|---|---|
| JSY (ग्रामीण) | ₹1,400 | डिलीवरी के 7-30 दिन बाद |
| PMMVY (बेटी — एकमुश्त) | ₹6,000 | जन्म के बाद |
| कुल लाभ | ₹7,400 | — |
⚠️ Disclaimer: ऊपर दी गई राशियां जुलाई 2026 में उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार हैं। सरकार द्वारा समय-समय पर राशि और नियमों में बदलाव किया जा सकता है। नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों से Verify करें।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
❓ MP में डिलीवरी के कितने दिन बाद पैसे आते हैं?
✅ JSY में सामान्यतः 7-30 दिन और PMMVY में 30-90 दिन के अंदर पैसे बैंक खाते में आ जाते हैं। यह दस्तावेजों की पूर्णता, सत्यापन और DBT प्रक्रिया पर निर्भर करता है। कभी-कभी इससे अधिक समय भी लग सकता है।
❓ क्या सिजेरियन (C-Section) डिलीवरी पर भी पैसे मिलते हैं?
✅ हाँ, सिजेरियन डिलीवरी पर भी JSY और PMMVY दोनों का लाभ मिलता है — बशर्ते डिलीवरी सरकारी अस्पताल या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में हुई हो।
❓ तीसरे बच्चे पर भी पैसे मिलते हैं क्या?
✅ PMMVY का लाभ वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुसार पहली और दूसरी संतान तक ही सीमित है। JSY के लिए नवीनतम पात्रता शर्तें अपनी ASHA कार्यकर्ता या स्वास्थ्य केंद्र से जरूर पुष्टि करें।
❓ अगर डिलीवरी घर पर हुई तो क्या JSY का पैसा मिलेगा?
✅ JSY मुख्य रूप से संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई योजना है। घर पर प्रसव की स्थिति में लाभ वर्तमान सरकारी दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगा। इसलिए अपने क्षेत्र की ASHA कार्यकर्ता या PHC से पुष्टि करें।
❓ PMMVY का Payment Status कैसे चेक करें?
✅ आप UMANG ऐप पर PMMVY सेक्शन में जाकर स्टेटस देख सकती हैं। इसके अलावा PFMS Portal (pfms.nic.in) पर “Know Your Payment” में बैंक अकाउंट नंबर से चेक कर सकती हैं। सबसे आसान तरीका — आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से पूछें।
❓ डिलीवरी के बाद पैसे किस खाते में आते हैं?
✅ पैसे महिला के अपने बैंक खाते में आते हैं जो आधार से लिंक होना चाहिए। किसी और के खाते में पैसे नहीं आएंगे। जन धन खाता भी चलेगा।
❓ क्या पैसा पति के खाते में आ सकता है?
✅ नहीं। JSY और PMMVY दोनों में पैसे सिर्फ महिला (माता) के अपने बैंक खाते में आते हैं। पति या किसी अन्य परिवार के सदस्य के खाते में DBT नहीं होता।
❓ अगर बैंक खाता बदल जाए तो क्या करें?
✅ अगर आपने नया बैंक खाता खुलवा लिया है, तो:
- नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र में जाकर नई बैंक डिटेल्स अपडेट करवाएं
- नए खाते में भी आधार लिंक और NPCI Mapping जरूर करवाएं
- पुराना खाता तब तक बंद न करें जब तक नया खाता सिस्टम में अपडेट न हो जाए
❓ MP में डिलीवरी के बाद ASHA कार्यकर्ता को कितना पैसा मिलता है?
✅ ASHA कार्यकर्ता को JSY के तहत ग्रामीण क्षेत्र में ₹600 और शहरी क्षेत्र में ₹400 मिलते हैं — बशर्ते उन्होंने गर्भवती महिला को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया हो।
निष्कर्ष
MP में डिलीवरी के बाद पैसे मिलने की समय-सीमा योजना पर निर्भर करती है:
- 🏥 JSY: सामान्यतः डिलीवरी के 7-30 दिन बाद (दस्तावेज सत्यापन और DBT प्रक्रिया के आधार पर अधिक भी लग सकता है)
- 🤰 PMMVY: डिलीवरी के 30-90 दिन बाद (सभी दस्तावेज सत्यापित होने और DBT स्वीकृत होने के बाद)
✅ आगे क्या करें?
- डिलीवरी से पहले ही सभी दस्तावेज तैयार रखें
- ASHA कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी से संपर्क बनाए रखें
- बैंक खाता आधार से लिंक और NPCI Mapping सही होना सुनिश्चित करें
- समग्र ID में सारी जानकारी सही हो — यह जरूर चेक करें
- Payment Status चेक करने के लिए बैंक पासबुक अपडेट करवाएं या PFMS Portal देखें
- पैसे न आने पर CM Helpline 181 पर कॉल करें
💬 अगर आपके मन में कोई सवाल है तो नीचे कमेंट में जरूर पूछें। हम आपकी मदद करने की पूरी कोशिश करेंगे!
📚 स्रोत (Sources)
- National Health Mission (NHM) — JSY Operational Guidelines
- Ministry of Women and Child Development — PMMVY Guidelines
- MP Health Department
- PFMS Portal — Payment Tracking
- Samagra Portal — MP समग्र ID
📅 अंतिम अपडेट: जुलाई 2026